सूत्रों ने कहा कि जिस काम के लिए राय को सरकार ने बीबीबी का चेयरमैन बनाया था, उसमें उन्होंने काफी निराश किया है। बीबीबी को पब्लिक सेक्टर बैंकों के एमडी और सीईओ को चुनने की जिम्मेदारी दी गई थी।
इसके अलावा अन्य सीनियर पदों पर भी सही लोगों को चुनने के लिए कहा गया था। वहीं उन पर सभी पीएसयू बैंकों में एचआर के द्वारा टेक्नीकल अपग्रेडेशन और स्टाफ की ट्रेनिंग को कराने के लिए कहा गया था, जिसमें वो पूरी तरह से फेल हो गए थे। माना जा रहा है कि वित्त मंत्रालय ने बोर्ड के साथ काम करने से इनकार कर दिया है।
प्रोबेशन अधिकारियों के लिए घटी ट्रेनिंग की अवधि
पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे सरकारी बैंकों ने प्रोबेशनरी अधिकारी के लिए सेवा में प्रशिक्षण की अवधि 24 महीने से घटाकर 1 वर्ष कर दी है। पीएनबी ने तो अपने ट्रेजरी और विदेशी मुद्रा परिचालन अधिकारियों को लंबे समय से रिफ्रेशर प्रशिक्षण के लिए ही नहीं भेजा है।
बैंक के एक उच्चाधिकारी ने कहा कि ऐसा नहीं है, ये अपना काम नहीं जानते हैं। लेकिन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सूचना के आदान-प्रदान से बैकअप अधिकारी तैयार हो जाते हैं।