साल 2019 में दूसरी बार अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती कर दी है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेड रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की खिंचाई की है। इस संदर्भ में ट्रंप का कहना है कि केंद्रीय बैंक के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के पास ना तो गट्स हैं, ना सेंस है और ना ही कोई विजन है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने यह कदम बाजार में नकदी की समस्या को समाप्त करने के लिए उठाया है। बता दें कि बैंक की पॉलिसी तय करने वाली समिति के 10 सदस्यों में से तीन सदस्यों ने ब्याज दर में कटौती का समर्थन नहीं किया था। जबकि सात सदस्यों ने इसके पक्ष में थे, जिसकी वजह से ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती का फैसला लिया गया।
पहले लेंडिंग रेट दो फीसदी था। अब फेड रिजर्व ने बेंचमार्क लेंडिंग रेट को 1.75 फीसदी कर दिया है। समिति ने यह फैसला वैश्विक बाजार में मंदी और आयात - विर्यात में कमी को देखते हुए लिया है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले से गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार प्रभावित हुआ। सुबह करीब 10 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 252.14 अंक यानी 0.69 फीसदी की गिरावट के बाद 36,311.74 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी की बात करें, तो 75.95 अंक यानी 0.70 फीसदी की गिरावट के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 10,764.70 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।