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काम की खबर: प्रीमियम बढ़ने के डर से टर्म प्लान जल्दबाजी में न खरीदें

Mon, 10 Jan 2022 06:54 AM IST
Jeet Kumar कालीचरण, नई दिल्ली।

सार

महामारी के जोखिम और बढ़ती मांग के दबाव में बीमा कंपनियां टर्म इंश्योरेंस के प्रीमियम लगातार बढ़ा रही हैं। आगे भी कीमतें बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में प्रीमियम बढ़ने के डर से टर्म बीमा खरीदने में जल्दबाजी न करें टर्म बीमा पॉलिसी खरीदते समय किन बुनियादी बातों का ध्यान रखना चाहिए, पूरा गणित बताती कालीचरण की रिपोर्ट
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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सालाना कमाई का 20 गुना तक होना चाहिए सम एश्योर्ड 

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बैंक बाजार के सीईओ आदिल शेट्टी का कहना है कि टर्म बीमा अब बुनियादी जरूरतों का हिस्सा बन गया है। इसलिए बढ़ती कीमतों की परवाह किए बिना अपनी आर्थिक जरूरतों और महंगाई दर को ध्यान में रखकर टर्म बीमा लें। इसकी महत्ता तब बढ़ जाती है, जब बीमाधारक की असामयिक मौत के बाद परिवार पर कर्ज और अन्य उधारी चुकाने का बोझ अचानक आ पड़ता है। 

ऐसे वित्तीय बोझ से बचने के लिए टर्म बीमा पॉलिसी खरीदते समय अपनी देनदारी, बच्चों की शिक्षा पर खर्च , आपके बाद पत्नी की आय और परिवार की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ध्यान रखें। ध्यान देने वाली बात है कि टर्म बीमा हमेशा जरूरतों के अनुसार लेना चाहिए, जिसमें कवर आपकी सालाना आय का 10-20 गुना हो। पिछले साल टर्म बीमा 9.75 फीसदी तक महंगा हो चुका है। 
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बढ़ाते रहें कवर, एड-ऑन भी जोड़ें 
वह बताते हैं कि अगर आपके पास पहले से कोई टर्म बीमा पॉलिसी है तो परिवार की जरूरतों और महंगाई को ध्यान में रखकर हर साल इसका कवर बढ़ाते रहें। 

  • टर्म बीमा में कई एड-ऑन भी मिलते हैं। मसलन, एक्सीडेंट डेथ बेनिफिट या मंथली इनकम आदि।  
  • यहां पूरा ध्यान बेसिक कवर पर होना चाहिए और जरूरत पड़े, तभी एड-ऑन खरीदना चाहिए।  
  • कोई भी एड-ऑन अपने जीवन में मौजूदा जोखिम और वित्तीय जरूरतों को देखकर ही लें। 

अन्य कंपनियों के उत्पादों से तुलना करें 

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जानकारों का कहना है कि बीमा कंपनियों के टर्म इंश्योरेंस प्लान अलग-अलग होते हैं। ऐसे में अपनी जरूरतों को देखते हुए विभिन्न कंपनियों के उत्पादों की
तुलना करें। इसके बाद ही उत्पाद का चुनाव करें। 

  • इनकी तुलना करते समय पॉलिसी के विभिन्न पहलुओं मसलन बीमा कवरेज, मैच्योरिटी की उम्र और कंपनी के दावा निपटान करने के रिकॉर्ड आदि मानकों
  • की जांच जरूर करें। 
  • जिस कंपनी का सेटलमेंट रेश्यो सबसे अच्छा हो, उसी कंपनी के उत्पाद को ही खरीदें।


सेटलमेंट रेश्यो जरूर देखें 
बीमा कंपनी                सेटलमेंट रेश्यो 

मैक्स लाइफ                    99.35 % 
एगॉन                             99.25 %
भारती एक्सा                    99.05 % 
एलआईसी                        98.62 %
प्रामेरिका लाइफ                 98.61 %
एक्साइड लाइफ                 98.54 %
कोटक महिंद्रा                    98.5 %
रिलायंस निप्पॉन               98.49 % 
बजाज आलियांज               98.48 %
पीएनबी मेटलाइफ             98.17 %

(इरडा ने हाल ही में जारी किए 2020-21 के लिए कंपनियों के सेटलमेंट रेश्यो के आंकड़े)

भूलकर ये न करें गलतियां

अधूरा खुलासा
टर्म बीमा खरीदते समय अपनी मेडिकल हिस्ट्री का खुलासा करें। ऐसा नहीं करने पर क्लेम के दौरान दिक्कतें आ सकती हैं और क्लेम खारिज हो सकता है । 
 
कम अवधि का प्लान चुनना
-कम अवधि वाला प्लान खरीदने की गलती न करें। 30 साल की उम्र में 10 साल की अवधि का प्लान चुनते हैं तो 40 वर्ष की उम्र में 10 साल के लिए अगला प्लान
-खरीदना पड़ेगा, जो महंगा पड़ेगा। इसके बदले 30 वर्ष की ही उम्र में ही 20 साल के लिए प्लान खरीद लें।

 जल्द पॉलिसी न खरीदना  
टर्म बीमा जितनी जल्द खरीदेंगे, उतना ही कम प्रीमियम चुकाना पड़ेगा। उम्र बढ़ने के साथ आपको अधिक प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है।

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