केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने कहा है कि जिस दौरान पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 130 अरब रुपये का घोटाला हुआ, उस समयावधि में रिजर्व बैंक ने (आरबीआई) ने बैंक का सही तरीके से ऑडिट ही नहीं किया।
बैंकों के ऑडिट के लिए पहले से ज्यादा मजबूत व्यवस्था कायम पर जोर देते हुए केंद्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी ने मंगलवार को कहा कि बैंकिंग क्षेत्र के नियमन की जिम्मेदारी आरबीआई की है लेकिन इस कार्य में किसी तरह की ढील की जांच करने का काम सीवीसी का है।
बता दें कि सीवीसी को इस घोटाले की जांच कर रही
सीबीआई पर भी निगरानी का अधिकार है। अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा एवं गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चोकसी यह घोटाला करके विदेश फरार हो गए हैं।
चौधरी ने कहा कि आरबीआई के अनुसार उसने एक निश्चित समयावधि के बाद बैंकों का ऑडिट करने की व्यवस्था को खत्म कर दिया है और अब जोखिम आधारित ऑडिट किया जाता है यानी जब किसी बैंक में कोई वित्तीय जोखिम नजर आता है तो उसका ऑडिट किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति में जोखिम का निर्धारण करने के लिए कुछ न कुछ मानक होने चाहिए। मालूम हो कि पीएनबी घोटाला सामने आने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी इसके लिए नियामकों को दोषी ठहराया था। उन्होंने कहा था कि राजनेताओं की तरह नियामकों पर कोई जवाबदेही नहीं है।