महामारी के दबाव में रियल एस्टेट उद्योग पिछले साल तीन तिमाहियों तक संघर्ष करता रहा, लेकिन लॉकडाउन खुलने और कारोबारी गतिविधयों में तेजी आने से दिसंबर तिमाही में उछाल आया। क्रेडिट इनफॉर्मेशन ब्यूरो क्रिफ हाईमार्क्स ने गुरुवार को जारी रिपोर्ट में बताया कि अक्तूबर-दिसंबर, 2020 में होम लोन में 9.6 फीसदी तेजी आई, जिसमें सबसे ज्यादा संख्या छोटे ग्राहकों की रही।
ब्यूरो के अनुसार, दिसंबर तिमाही में बैंकों के होम लोन पोर्टफोलियो का कुल बकाया करीब 2 लाख करोड़ बढ़कर 22.26 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। दिसंबर, 2019 तक यह 20.31 लाख करोड़ रुपये था। इससे पहले 2020 की तीनों तिमाहियों मार्च, जून और सितंबर में होम लोन की मांग सुस्त रही थी।
कुल होम लोन में किफायती मकानों (35 लाख रुपये तक) की हिस्सेदारी संख्या के हिसाब से 90 फीसदी है, जबकि मूल्य के हिसाब से 60 फीसदी रही। किफायती मकानों की श्रेणी में 15 लाख तक के कर्ज की हिस्सेदारी संख्या के लिहाज से 70 फीसदी और मूल्य के हिसाब से 38 फीसदी है। दिसंबर, 2020 तक होम लोन लेने वाले युवाओं (36 साल से कम) की संख्या सालाना आधार पर 27 फीसदी बढ़ी है।
युवाओ में डिफॉल्ट का जोखिम अधिक
रिपोर्ट के अनुसार, होम लोन डिफॉल्ट का जोखिम 26 साल से कम उम्र वाले युवाओं में ज्यादा है। सबसे कम डिफॉल्ट का खतरा 45 साल से ज्यादा उम्र वाले ग्राहकों में, जबकि 27-45 साल वाले दूसरे सबसे कम जोखिम वाले ग्राहक हैं। लोन भुगतान की 90 दिन से ज्यादा बकाए की राशि कुल लोन बुक का 2.49 फीसदी रही। इसमें भी छोटे कर्जधारकों की संख्या ज्यादा है। 10 लाख से कम होम लोन में फंसे बकाए की हिस्सेदारी 4.44 प्रतिशत रही।