बीमा कंपनियों का कहना है कि यह उत्पाद क्षेत्र विशेष के आधार पर नहीं बेच सकते। इसका प्रीमियम मेट्रो शहर के रेड जोन और दूरदराज के इलाकों के लिए एक ही रखना होगा, जो काफी मुश्किल काम है। सीमित समय के लिए दिए जाने वाले बीमा कवर में इलाज के लिए क्लेम की बाढ़ आ सकती है।
डिजिट इंश्योरेंस के आदर्श अग्रवाल ने बताया कि सामान्य बीमा उत्पादों में अस्पताल में भर्ती होने पर ही क्लेम लागू होता है, लेकिन कोरोना कवच के तहत संक्रमित का घर पर इलाज होता है, तो भी कवर मिलेगा। पहले जांच के अनुपात में संक्रमितों का आंकड़ा 4 फीसदी था, जो अब 10 फीसदी हो गया है।
यह लगातार बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में अस्पताल से ज्यादा घर पर मरीजों का इलाज होगा। वैसे तो यह अस्पताल से सस्ता पड़ेगा, लेकिन संख्या ज्यादा होगी। ऐसे में यह तय है कि कोरोना कवच आरोग्य संजीवनी जैसे मानक उत्पादों की तुलना में महंगा रहेगा।