कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुका है। भारत में इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके मद्देनजर भारत में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है। इसलिए आपात स्थिति की आशंका में लोग बैंकों से भारी मात्रा में पैसों की निकासी कर रहे हैं।
16 महीने में सबसे अधिक है आंकड़ा
13 मार्च को खत्म हुए पखवाड़े में जमाकर्ताओं ने बैंकों से 53,000 करोड़ रुपये की नकदी निकाली है। नकद निकासी का यह आंकड़ा पिछले 16 महीने में सबसे अधिक है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, जमाकर्ताओं द्वारा इतनी बड़ी निकासी सिर्फ त्योहारों या चुनाव में ही होती है। केंद्रीय बैंक ने बताया कि उसने पिछले 15 दिन में इतना कैश जारी किया है। 13 मार्च तक लोगों के पास कुल 23 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा थी।
इसलिए कर रहे हैं निकासी
मामले में अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भले ही डिजिटल लेन-देन बढ़ा है, लेकिन आपात स्थिति के चलते लोगों में सावधानी और डर का पहलू हावी है। एक्सिस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि लोगों में इस बात की चिंता थी कि लॉकडाउन के दौरान वे बैंकों व एटीएम तक पहुंच पाएंगे या नहीं। इसलिए जरूरत के समय के लिए उन्होंने बैंकों से भारी मात्रा में निकासी की।
मालूम हो कि कोरोना की वजह से बैंक लोगों को लेन-देन के लिए ऑनलाइन तरीके जैसे नेट बैंकिंग, यूपीआई, आदि अपनाने को कह रहे हैं। फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनियों ने डिलिवरी सर्विस सीमित कर दी है। इसलिए लोग ऑफलाइन खरीदारी कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें कैश की जरूरत पड़ रही है। लोग पहले जो किराना सामान और बाकि की जरूरत की चीजें ऑनलाइन खरीदते थे, वे अब लोकल दुकानदारों से खरीद रहे हैं।
आरबीआई गवर्नर ने की अपील
रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को जमाकर्ताओं की चिंताएं दूर करते हुए कहा कि देश का बैंकिंग तंत्र पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत है। शेयर बाजार में गिरावट से बैंकों के शेयरों में आई कमी का उनकी वित्तीय प्रणाली पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने जमाकर्ताओं से यह भी आग्रह किया कि वे घबराकर बैंकों से पैसे नहीं निकालें। सरकारी और निजी दोनों ही बैंकों में जमाकर्ताओं का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है।
डिजिटल लेनदेन करें ग्राहक
गवर्नर ने कोरोना संकट के बीच ग्राहकों से अधिकतर डिजिटल लेनदेन अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा, कोरोना वायरस का संकट हमारे सामने है, लेकिन यह भी बीत जाएगा। हमें सावधानी बरतने की जरूरत है और सभी एहतियाती कदम उठाने हैं। मैं यह आपकी समझ पर छोड़ता हूं। साफ रहिए, सुरक्षित रहिए और डिजिटल अपनाइए।