पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक संकट में ऑडिटर्स की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस बीच चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के प्रमुख संगठन आईसीएआई ने इस मामले में आरबीआई और अन्य अधिकारियों से कथित वित्तीय अनियमितताओं में किसी ऑडिटर की भूमिका को लेकर जानकारियां मांगी हैं।
‘मामले की गंभीरता’ को देखते हुए आईसीएआई ने बुधवार को कहा कि उसने अपने अनुशासनात्मक तंत्र को सक्रिय कर दिया है और इस संबंध में बैंक व नियामकीय एजेंसियों से जानकारियां मांगी गई हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने आरबीआई के सतर्कता विभाग और महाराष्ट्र के सहकारी समितियों के आयुक्त को पत्र लिखा है।
संस्थान ने एक बयान में कहा कि उसने उनके निष्कर्षों के साथ ही मामले में कथित तौर पर लिप्त ‘सदस्य/कंपनी’ से जुड़ा विवरण मांगा है। इसके अलावा बैंक के सांविधिक लेखा परीक्षक से वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 से संबंधित जानकारियां भी मांगी गई हैं।
बयान में कहा गया, ‘आईसीएआई इस मामले को संबंधित नियामकों के सामने सक्रिय रूप से उठाएगी, जिससे मामले की विस्तार से जांच हो सके। अगर मामले में लिप्तता पाई जाती है तो संबंधित किसी भी सदस्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।’
गौरतलब है कि पीएमसी बैंक के निलंबित प्रबंध निदेशक जॉव थॉमस ने बैंक की बदहाली के लिए लेखा परीक्षकों को जिम्मेदार ठहराया। मुंबई पुलिस ने सोमवार को ही पीएमसी बैंक मामले में एचडीआईएल के प्रबंधन और प्रवर्तकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।