केनरा बैंक ने ग्राहकों को राहत दी है। केनरा बैंक ने सभी अवधि के कर्ज के लिए कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) घटा दी है। यानी अब ग्राहकों को सस्ते में लोन मिल जाएगा। नई दरें सात अप्रैल यानी आज से प्रभावी हो गई हैं। मालूम हो कि एक अप्रैल से सिंडिकेट बैंक का विलय केनरा बैंक में हो चुका है।
इतना सस्ता हुआ कर्ज
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने एक साल की अवधि वाले कर्ज के लिए 0.35 फीसदी, छह महीने की अवधि वाले कर्ज के लिए 0.30 फीसदी, तीन महीने की अवधि के लिए 0.2 फीसदी और एक महीने तथा एक दिन के लिए ब्याज दर में 0.15 फीसदी की कटौती की है। बयान के अनुसार रेपो दर से संबद्ध ब्याज दर (आरएलएलआर) 0.75 फीसदी घटाकर 8.05 फीसदी से 7.30 फीसदी कर दिया गया है।
इन बैंकों ने भी सस्ता किया कर्ज
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में कटौती के बाद ग्राहकों के लिए लोन सस्ता किया गया। इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक ( एसबीआई ), बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी ग्राहकों को रेपो दर में कटौती का पूरा लाभ दिया है।
रेपो रेट में 15 साल में सबसे बड़ी कटौती
रिजर्व बैंक ने 7वीं द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर रेपो में 0.75 फीसदी की कटौती कर दी थी। यह पिछले 15 साल में सबसे बड़ी कटौती बताई जा रही है। इसे 5.15 फीसदी से घटाकर 4.40 फीसदी कर दिया गया है। वहीं केन्द्रीय बैंक ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन (बंद) को देखते हुए लोगों की आय और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए कर्ज की किस्त के भुगतान पर भी तीन माह तक रोक लगाने की बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अनुमति दी है।
एसबीआई ने भी ग्राहकों को दिया लाभ
आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद सबसे पहले एसबीआई एक वक्तव्य में कहा था कि उसकी नई घटी दर बाहरी मानक दर से जुड़ी कर्ज दर (ईबीआर) और रेपो दर से जुड़ी कर्ज दर (आरएलएलआर) के तहत कर्ज लेने वाले ग्राहकों पर लागू होगी। नई ब्याज दर एक अप्रैल 2020 से प्रभावी हो गई थी। एसबीआई ने बाहरी मानक दर से जुड़ी कर्ज दर को 7.80 फीसदी से घटाकर 7.05 फीसदी वार्षिक कर दिया, जबकि आरएलएलआर को 7.40 फीसदी से घटाकर 6.65 फीसदी किया।
इतना सस्ता हुआ बैंक ऑफ इंडिया का लोन
बैंक ऑफ इंडिया ने एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स में 75 आधार अंक यानी 0.75 फीसदी की कटौती कर दी थी। इस कटौती के बाद एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट घटकर 7.25 फीसदी हो गई है। बैंक द्वारा ब्याज दरों में यह कटौती एक अप्रैल से प्रभावी हुई।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी की थी घोषणा
साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा ने खुदरा, निजी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) उद्योग ऋण के लिए ब्याज दर में 0.75 फीसदी की कटौती की थी। इसके बाद यह ऋण ब्याज दर 7.25 फीसदी तक आ गई है, जो 28 मार्च से मान्य हैं। बैंक ने एक बयान में कहा कि उसने अपनी रेपो दर से जुड़ी ऋण ब्याज दर (आरएलएलआर) को 0.75 फीसदी घटा दिया है। बैंक ने कहा कि सभी तरह के खुदरा और निजी ऋणों पर 28 मार्च 2020 से 7.25 फीसदी का ब्याज दर लिया जाएगा।