कैंसर के लिए विशेषीकृत प्लान आवश्यक है। किसी भी प्लान से जुड़ते समय शुरुआती अवस्था के कैंसर की बीमा राशि देख लें क्योंकि कुछ प्लान कवर राशि का मात्र 25 फीसदी भुगतान करने का वादा करते हैं। कुछ नए बीमाकर्ता बीमा राशि के 150 फीसदी तक एकमुश्त राशि प्रदान करते हैं। ये भी सुनिश्चित करें कि क्या दावा राशि के भुगतान के बाद प्लान खत्म हो जाएगा। कई बार उपचार के बाद भी कैंसर दोबारा लौट आता है, ऐसे में पॉलिसी का लंबे समय तक बने रहना महत्वपूर्ण है।
नियमित स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में हॉस्पिटलाइजेशन कवर होता है। ऐसे में सवाल पैदा हो सकता है कि व्यक्तिगत दुर्घटना प्लान क्यों खरीदें। दुर्घटना प्लान में दुर्घटना से मृत्यु या आंशिक एवं संपूर्ण दिव्यांगता कवर होती है। नौकरी में होने वाला नुकसान भी कवर होगा बशर्ते पॉलिसी में सीमाओं का उल्लेख हो।
पॉलिसी खरीदते समय ध्यान में पढ़ना जरूरी है कि उसमें क्या कवर नहीं है। कई पॉलिसी में अंगों के आंशिक क्षतिग्रस्त होने के चलते कमाई नुकसान की भरपाई शामिल नहीं हो सकती है।
ऐसे उत्पाद पॉलिसीधारक की इन आवश्यकताओं को वास्तव में पूरी कर सकते हैं, जिन्हें नियमित पॉलिसी पूरी नहीं करती। लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि ये कंप्रिहेंसिव प्लान नहीं हैं। कंप्रिहेंसिव हेल्थ प्लान को नजरंदाज कर ऐसे प्लान का चुनाव करने से आपके सुरक्षा ढांचा योजना में सेंध लग सकती है।
साथ ही दावा भुगतान के बाद ये खत्म हो जाती है, जबकि नियमित इंडेम्निटी पॉलिसी में आजीवन रिन्युअल का विकल्प होता है। इसलिए इन प्लान को सुरक्षा की अतिरिक्त परत के रूप में लें, जो आपके नियमित इंडेम्निटी आधारित हेल्थ इंश्योरेंस कवर की पूरक है। उनसे नियमित स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के गैप को भरा जा सकता है।