इससे पहले आरबीआई ने जनवरी 2018 में इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना को देश में अपनी शाखाएं को खोलने की मंजूरी दी थी। देश भर में कुल 45 विदेशी बैंकों को आरबीआई अभी तक लाइसेंस दिया है, जिसके बाद वो यहां पर बिजनेस कर रहे हैं।
यह है विश्व का सबसे बड़ा बैंक
इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (आईसीबीसी) की स्थापना 1 जनवरी 1984 को बीजिंग में हुई थी। आईसीबीसी 28 अक्टूबर 2005 को ज्वाइंट स्टॉक लिमिटेड कंपनी में रिस्ट्रकचर हुई और ठीक इसके एक साल बाद शंघाई स्टॉक एक्सचेंज और हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हुआ।
आज यह विश्व का सबसे बड़ा लिस्टेड बैंक भी है। बैंक की ब्रांचेज चीन के अलावा दुनिया के 42 देशों में मौजूद है जिसमें एक ब्रांच मुंबई में भी है। 5320 कारपोरेट और 49.6 करोड़ पर्सनल कस्टमर्स बैंक के पास है। 31 मार्च 2016 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में बैंक का टोटल असेट वैल्यू 3,545 बिलियन यूएस डॉलर (237.51 लाख करोड़ रुपये) थी।
सबसे ज्यादा हैं इस विदेशी बैंक की शाखाएं
ब्रिटेन के स्टैण्डर्ड चार्टेड बैंक की सबसे ज्यादा 100 शाखाएं इस वक्त देश में मौजूद हैं। इसके अलावा ईरान के तीन बैंकों ने भी आरबीआई के पास अपनी शाखाएं भारत में खोलने के लिए आवेदन किया है। ईरान के अलावा कोरिया, मलेशिया और नीदरलैंड के एक बैंक ने भी लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी इनको मंजूरी नहीं मिली है।