देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक--बैंक ऑफ बड़ौदा को तीसरी तिमाही में कुल 1407 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। शुक्रवार को घोषित परिणामों में बैंक ने कहा कि 31 दिसंबर 2019 तक ज्यादा प्रोविजनिंग के चलते उसको यह घाटा हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक को 436 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। इसी वित्त वर्ष देना और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) में विलय हुआ था, जिसके यह तीसरी तिमाही का नतीजा घोषित किया गया है।
बैंक ने कहा कि उसकी प्रोवेजिनिंग 37.62 फीसदी बढ़कर के 3043.56 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 2211.53 करोड़ रुपये थी। इस साल की दूसरी तिमाही में बैंक ने 2700.68 करोड़ रुपये अलग से प्रोविजनिंग के लिए रखे थे।