बडे़ फर्जीवाड़े और कर्ज संकट में फंसे समूह आईएलएंडएफएस मामले में निजी क्षेत्र के दो बैंकों के सीईओ पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने सोमवार को दोनों बैंकों के सीईओ अगली सुनवाई पर उपस्थित होने का निर्देश दिया। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है।
एनसीएलटी ने कहा कि पिछले साल दिसंबर में मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद से दोनों बैंकों के अधिकारी एक बार भी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए हैं। यह कोर्ट की अवमानना का मामला बनता है और 16 दिसंबर की अगली सुनवाई पर एक्सिस बैंक के सीईओ अमिताभ चौधरी व स्टैंडर्डचार्ट इंडिया के सीईओ जरीन दारूवाला खुद अदालत में मौजूद रहेंगे।
कॉरपोरेट मंत्रालय की दखल के बाद ट्रिब्यूनल ने बावा और उनकी पत्नी व बेटी के खाते फ्रीज करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद से कोर्ट तीन बार अवमानना की नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन बैंक अधिकारी अभी तक उपस्थित नहीं हुए। मंत्रालय ने आरोप लगाया था कि खाते फ्रीज किए जाने के बावजूद दोनों बैंकों ने बावा और उनकी पत्नी आशाकिरण व बेटी आकांक्षा को खाते से धन निकासी की सुविधा दी थी। एनसीएलटी ने 26 अप्रैल को चौधरी व दारूवाला को नोटिस दिया था।