कोरोना काल में लोग डिजिटल बैंकिंग की ओर प्रभावित हुए हैं। लेकिन महामाही के दौरान कैश की किल्लत होने से त्योहारी सीजन में लोग बैंक खाते में जमा राशि की निकासी करने पर मजबूर हुए हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल दिवाली के दौरान 15 दिनों में राजधानी में ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) से धन की निकासी औसतन 4.54 फीसदी बढ़ी है।
नवंबर के पहले पखवाड़े में निकाले 123 करोड़ रुपये
कैश लोड करने वाली एजेंसियों की अनुसार, इस साल एक नवंबर से 14 नवंबर तक प्रत्येक एटीएम से औसतन 230 लेनदेन हुए है। कीमत के आधार पर बात करें, तो हर लेनदेन पर औसतन 4,000 से 5,000 रुपये निकाले गए हैं। मालूम हो कि इस समय राजधानी में कुल 1,077 एटीएम हैं। यानी नवंबर के पहले पखवाड़े में लोगों ने 2,47,710 बार कार्ड के जरिए एटीएम से 123 करोड़ रुपये निकाले।
पिछले साल हुई थी 118.47 करोड़ रुपये की निकासी
पिछले साल दिवाली वाले पखवाड़े के दौरान (15 अक्तूबर 2019 से 30 अक्तूबर 2019 तक) 2,36,940 बार कार्ड के जरिए एटीएम से 118.47 करोड़ रुपये की निकासी हुई। इस वर्ष के लिए अनुमान लगाए जा रहे थे कि कोरोना वायरस की वजह से बाजार में खरीदारी कम होगी। लेकिन पूरे पखवाड़े के दौरान बाजार गुलजार रहे। डिजिटल पेमेंट की ओर लोग काफी आकर्षित हुए, लेकिन तब भी 84 फीसदी से अधिक पेमेंट कैश में हुए। सिर्फ 16 फीसदी पेमेंट ही यूपीआई या पीओएस मशीन पर कार्ड के जरिए हुए।
पिछले पांच सालों में हर एटीएम से औसतन 300 लेनदेन होते थे। वहीं औसतन 1,500 रुपये से 2,000 रुपये की ट्रांजेक्शन होती थी। इस साल त्योहारी सीजन में एटीएम के जरिए होने वाली धन की निकासी ज्यादा हुई है।