चौहान ने कहा कि ऐसा होता रहता है। यह कारोबार का मामला है। वे जब आठ फीसदी की मार्जिन ले रहे होते हैं, तो यह मानते हैं कि हर 12 में से एक व्यक्ति कर्ज चुकाने में असफल (डिफाउल्टर) होने वाला है। इस पर भी उन्हें अधिक दिक्कत नहीं है। वे मूलधन वापस कर देंगे। उस साल उन 12 में से एक को कर्ज चुकाने में असफल होना था। यह व्यक्ति (नीरव मोदी) पिछले 10 साल से अधिक समय से कर्ज चुकाने में विफल रहा। इसलिए यह मामला बैंकिंग प्रणाली का 10वां हिस्सा है। बैंकिंग इसी तरह से होता है। वे सोचते हैं कि यह आम आदमी का धन है। वे तो पहले से ही आपसे बिना ब्याज दिए पैसा ले चुके होते हैं। प्रभावी तौर पर इस घोटाले में कुछ नहीं है। यह भय पैदा करने की कोशिश है। भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूत है। एजेंसीएमएसएमई से मात्र 25,000 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी।
मोदी ने सीपीएसई के लिए पांच चुनौतियों की पहचान की और उन्हें उनपर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। उन्होंने सीपीएसई से कम लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर बैठकें करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।