सितंबर महीने में डेबिट-क्रेडिट कार्ड से हुए ट्रांजेक्शन में 84 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली। केंद्र सरकार द्वारा डिजिटल तरीके से लेन-देन को बढ़ावा देने से अकेले सितंबर में 74 हजार करोड़ से अधिक का लेन-देन हुआ।
पिछले साल सितंबर में हुआ था इतना लेनदेन
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल सितंबर के महीने में केवल 40130 करोड़ का लेनदेन डिजिटल तरीके से हुआ था। इस साल इस तरीके से लेनदेन बढ़ाने में प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन का ज्यादा योगदान रहा। पिछले साल जहां केवल 203 मिलियन ट्रांजेक्शन हुए थे, वहीं इस साल सितंबर महीने में यह आंकड़ा 378 मिलियन के पार चला गया।
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नोटबंदी के बाद से बढ़ रहा है तरीका
वर्ल्ड लाइन दक्षिण एशिया के सीईओ दीपक चंदानी ने कहा कि पिछले साल हुई नोटबंदी के बाद से हर महीने डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल करके लेनदेन काफी बढ़ गया है। 2014 में लॉन्च की गई जन धन योजना के बाद से कार्ड का प्रयोग काफी बढ़ा है।
22 फीसदी के हिसाब से बढ़ा डेबिट कार्ड का प्रयोग
जन धन खातों की वजह से डेबिट कार्ड से होने वाले ट्रांजेक्शन 2015 में 39 फीसदी बढ़त के साथ हुए थे, वहीं नोटबंदी के बाद से इनका औसत 22 फीसदी रहा है। इसी तरह 2016 से 2017 के बीच क्रेडिट कार्ड में 24 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली। 2011-16 के बीच इसमें 9 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है।