फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कल से पांच दिन बंद रहेंगे बैंक, आज निपटा लें अपने जरूरी काम

Thu, 20 Dec 2018 11:51 AM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
bank close
विज्ञापन

शुक्रवार यानि 21 दिसंबर से देश भर के ज्यादातर सरकारी बैंक लगातार पांच दिन के लिए बंद रहेंगे। इन पांच दिनों में दो दिन हड़ताल रहेगी। हालांकि इन पांच दिनों में एक दिन बैंक खुलेंगे, लेकिन कर्मचारियों की संख्या न के बराबर रहने की संभावना है। 

विज्ञापन


क्रिसमस की छुट्टियां में पड़ेगा असर

क्रिसमस की छुट्टियों के बीच कैश की मारा मारी हो सकती है। हालांकि दोनों दिन अलग-अलग बैंक यूनियनों ने हड़ताल का आह्वान किया है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो सकती है। 

इन दो दिन रहेगी हड़ताल

महीने के आखिर में एक हड़ताल क्रिसमस से पहले और दूसरी इसके अगले दिन होगी। पहली हड़ताल 21 दिसंबर और दूसरी 26 दिसंबर को होगी। पहली हड़ताल का आयोजन ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडेरेशन करने जा रही है। 
विज्ञापन


ऐसे रहेंगे पांच दिन बंद

21 तारीख को शुक्रवार है। 22 तारीख को महीने का चौथा शनिवार है। 23 तारीख को रविवार के कारण बैंक बंद रहेंगे। सोमवार 24 दिसंबर को बैंक खुलेंगे। फिर 25 दिसंबर को क्रिसमस की छुट्टी सभी बैंकों में रहेगी। इसके बाद बुधवार को भी बैंक में हड़ताल के कारण छुट्टी रहेगी। 

केंद्र सरकार द्वारा तीन बड़े सरकारी बैंकों का विलय करने का फैसला और बैंक कर्मियों के वेतनमान में केवल 8 फीसदी वृद्धि करने के विरोध में बैंक यूनियन ने 21 और 26 दिसंबर को हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के अश्विनी राणा ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को मान नहीं रही है, जिसकी वजह से यह फैसला लिया है। 

विज्ञापन

25 फीसदी की मांग

government banks
राणा ने amarujala.com से बात करते हुए कहा कि बैंक यूनियन 25 फीसदी वेतन वृद्धि की मांग सरकार से कर रहे हैं। सरकार की ज्यादातर योजनाओं को बैंक द्वारा ही लागू किया जाता है। जहां केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में सरकार ने अच्छा इजाफा किया है, वहीं बैंक कर्मचारियों के वेतनमान में मामूली वृद्धि की गई है। देश भर में करीब 10 लाख सरकारी बैंक कर्मचारी हैं। 

विलय करना गलत

राणा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक का विलय करना भी गलत निर्णय है। विलय के प्रस्ताव से बैंकों की समस्या सुलझ नहीं सकती। बैंकों की सबसे बड़ी समस्या नॉन परफार्मिंग एसेट (एनपीए) की है।

इन तीनों ही बैंकों में एनपीए का 80 हजार करोड़ रुपया फंसा हुआ है। एकीकरण के बाद एनपीए की रकम वसूलने में काफी परेशानी होगी। एकीकरण के बाद बैंक शाखाओं का विलय किया जाएगा, इससे सभी तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा। विलय से बैंकों की काम करने की क्षमता पर असर नही पड़ेगा, बल्कि इससे आम ग्राहकों की परेशानी और बढ़ जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें