वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर नौ यूनियनों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले बैंक अधिकारी और कर्मचारी शुक्रवार से दो दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। यह हड़ताल शुक्रवार और शनिवार तक चलेगी।
दो दिन हड़ताल और उसके बाद रविवार होने के कारण सोमवार को ही बैंक शाखाओं के ताले खुल पाएंगे। इसके कारण जहां व्यापार पर असर पड़ेगा, वहीं कैश की किल्लत भी हो सकती है। क्योंकि दो दिन में एटीएम खाली हो जाएंगे और इनमें कैश सोमवार को बैंक खुलने के बाद भी डाला जाएगा।
आगरा के संजय प्लेस में शुक्रवार को बैंक कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। वहीं फिरोजाबाद में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर एकत्रित होकर बैंक कर्मचारियों ने नारेबाजी की। मैनपुरी में बैंककर्मियों ने जुलूस निकाला। एटा, कासगंज और मथुरा में भी हड़ताल के पहले दिन प्रदर्शन हुआ।
ये हैं मांगें
बैंक प्रबंधन के साथ समझौता वार्ता फेल होने के बाद यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने वेतन समझौते, नई पेंशन योजना को बंद कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, पारिवारिक पेंशन में सुधार, पे स्लिप कंपोनेंट में 20 फीसदी की बढ़ोतरी समेत मांगों को लेकर दो दिनी हड़ताल की घोषणा की है।
आगरा के प्रदर्शनकारी बैंक कर्मी एचएन चतुर्वेदी, शैलेंद्र झा, अमरदीप कौशिक ने कहा कि सवा दो साल से भारतीय बैंक संघ अड़ियल रूख अपना रहा है। सम्मानजनक समझौता नहीं हो पा रहा है, इसलिए आरपार की लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि तीन दिनों की बैंक बंदी के बाद आंदोलन के स्वरूप पर चर्चा की जाएगी। वक्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान सभा में कहा कि पांच दिनी बैंकिंग, रिटायरमेंट पर इनकम टैक्स की छूट, लीव बैंक की स्थापना, समान काम, समान वेतन को लागू किया जाए।