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SBI: अदाणी ग्रुप पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर विवाद के बीच एसबीआई का बड़ा बयान, कहा- लोन को लेकर चिंता नहीं

Sun, 29 Jan 2023 06:34 PM IST
निर्मल कांत बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वामीनाथन जे ने एक समाचार चैनल के साथ खास बातचीत में कहा कि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिसकी वजह से अदाणी ग्रुप को दिए गए कर्ज को लेकर चिंता करनी पड़े। उन्होने साफ किया कि ग्रुप को एसबीआई से मिला कर्ज रिजर्व बैंक की सीमा के अंदर ही है।
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अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी - फोटो : Adani Group
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विस्तार
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अदाणी ग्रुप को लेकर आई एक रिपोर्ट के बाद उठे विवाद के बीच देश के सबसे बड़े कर्जदाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कहा है कि वे ग्रुप को बांटे गए लोन को लेकर कोई चिंता नहीं कर रहे हैं। हिंडनबर्ग रिसर्च की एक शॉर्ट सेलिंग रिपोर्ट के आधार पर बाजार में गिरावट के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर यह बयान आया है, जिसमें अदाणी समूह दो कारोबारी सत्रों में मार्केट कैप में 4.18 ट्रिलियन रुपये के भंवर में फंस गया है। 

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स्टेट बैंक के कॉर्पोरेट बैंकिंग के एमडी स्वामीनाथन जे ने एक समाचार चैनल के साथ खास बातचीत में कहा कि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिसकी वजह से अदाणी ग्रुप को दिए गए कर्ज को लेकर चिंता करनी पड़े। उन्होने साफ किया कि ग्रुप को एसबीआई से मिला कर्ज रिजर्व बैंक की सीमा के अंदर ही है और उसको सुरक्षित रखने के लिए नियमों के मुताबिक सभी जरूरी उपाय पहले से ही किए जा चुके हैं। 

एमडी ने कहा कि बैंक नीतियों के मुताबिक किसी एक क्लाइंट पर कमेंट नहीं करता। हालांकि, मौजूदा स्थितियों को देखते हुए हम साफ करना चाहते हैं कि एसबीआई का अदाणी ग्रुप में एक्सपोजर रिजर्व बैंक के लार्ज एक्सपोजर फ्रेमवर्क सीमा से काफी नीचे है। वहीं सभी कर्ज आय उत्पन्न कर रहे एसेट्स के जरिए सिक्योर्ड हैं। ऐसे में कर्ज को चुकाने को लेकर बैंक कोई चिंता नहीं कर रहा है। 
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उन्होंने कहा कि वास्तव में भारतीय बैंकिंग सिस्टम का ग्रुप में एक्सपोजर पिछले 2-3 साल में लगातार घट रहा है। इसी के साथ डेट टू एबिटडा रेश्यो में सुधार हो रहा है। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि ग्रुप कर्ज से जुड़ी शर्तें आसानी से पूरा कर लेगा। उन्होंने कहा कि बैंक नियमों के मुताबिक समय समय पर अपने बड़े कर्जदारों के बकाया का रीव्यू करता रहता है और फिलहाल ग्रुप को लेकर कोई चिंता सामने नहीं आई है। 

वहीं, शीर्षस्थ ब्रोकिंग और अनुसंधान फर्म सीएलएसए ने कहा कि उसे अदाणी समूह के ऋण से भारतीय बैंकों के लिए कोई बड़ा नकारात्मक जोखिम नहीं दिखता है, जिसमें घरेलू सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के उधारदाताओं के लिए समग्र जोखिम प्रबंधनीय सीमा के भीतर बना हुआ है। इस बीच इनगवर्न रिसर्च सर्विसेज ने शुक्रवार को शॉर्ट सेलिंग और शेयरधारक सक्रियता पर एक नोट जारी किया। इसमें पूरे मामले पर एक परिप्रेक्ष्य प्रदान किया गया।

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