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जानबूझकर मनरेगा को क्यों भूल गई सरकार?

Tue, 18 Feb 2014 12:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली
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एक ऐसी योजना जिसके बूते पर सरकार ने फिर से सत्ता में वापसी की थी, आखिर उसी योजना को क्यों भूल गई सरकार?
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वर्ष 2009 में कांग्रेस को सत्ता में वापसी कराने में अहम भूमिका निभाने वाली ग्रामीण रोजगार की सबसे बड़ी योजना मनरेगा का अंतरिम बजट में जिक्र तक नहीं हुआ।

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने भाषण में योजना व्यय का विस्तार से जिक्र किया, जिसमें ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए आवंटित धनराशि का ब्योरा भी दिया। लेकिन मनरेगा योजना पर एक शब्द भी नहीं कहा।
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अंतरिम बजट में ग्रामीण विकास की सभी योजनाओं के बजट में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई है। आगामी वित्त वर्ष के अंतरिम बजट में ग्रामीण विकास मंत्रालय की योजनाओं पर कुल 82,202 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है।
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इसमें ग्रामीण गरीबों को साल में सौ दिन का रोजगार देने वाली मनरेगा के लिए 33,353 करोड़ रुपये हैं। इंदिरा आवास योजना के लिए 15979 करोड़ रुपये का और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता के लिए 10635 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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