खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने चीनी मिलों पर बकाया 11,000 करोड़ रुपये के भुगतान का रास्ता निकालने के लिए सोमवार को दूसरी उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। 6 जून को आयोजित की गई पहली बैठक में मंत्रियों के अनौपचारिक पैनल ने चीनी मिलों की तरलता के संकट को दूर करने के लिए कई सुझाव दिए थे।
इनमें चीनी मिलों को 4,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ब्याज मुक्त कर्ज मुहैया कराना, आयात शुल्क 40 फीसदी बढ़ाना और पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण बढ़ाना शामिल है। पासवान के अलावा परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी, एमएसएमई मंत्री कलराज मिश्र इस पैनल में शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट सचिव अजीत सेठी भी इस बैठक में शामिल होंगे। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गन्ना किसानों और चीनी मिलों की दिक्कतों को दूर करने के निर्देश के तहत आयोजित की जा रही है।