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टर्नओवर छिपाने वालों पर 15 दिन भारी, स्टेट जीएसटी ने तैयार की 2000 कारोबारियों की सूची

Sat, 14 Dec 2019 06:28 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
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अगले 15 दिन टर्नओवर छिपाकर काम करने वालों पर भारी पड़ सकते हैं। स्टेट जीएसटी के अफसर 31 दिसंबर तक अभियान चलाकर ऐसे कारोबारियों की तलाश करेंगे। सेक्टर के अफसरों ने कानपुर के 2000 ऐसे सेवा प्रदाताओं की सूची तैयार की है जो टर्नओवर छिपाकर कारोबार कर रहे हैं।
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शहर में बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं जिनका सालाना टर्नओवर 40 से 50 लाख रुपये है, लेकिन वे खुद को जीएसटी से बाहर दिखा रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसे सेवा प्रदाता भी हैं जिन्होंने अपने काम को दो हिस्सों में बांटकर टर्नओवर कम कर लिया है। इस कारण सेवा प्रदाताओं की संख्या में बहुत अधिक इजाफा नहीं हो पा रहा है।
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हकीकत ये है कि शहर में सेवा प्रदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। जांच के पहले चरण में उन सेवा प्रदाताओं को शामिल किया जा रहा, जिनका टर्नओवर सालाना 40 लाख तक है, लेकिन काम का आकार दिखाई न पड़ने की वजह से अभी तक टैक्स के दायरे से बचे रहे हैं।

इनमें कुछ कैटेगरी निर्धारित की गईं हैं। मसलन कोचिंग संस्थान, रेस्टोरेंट, फूड प्लाजा, जिम, ब्यूटी पार्लर, सिक्योरिटी एजेंसी, प्लेसमेंट एजेंसियों को सबसे ऊपर रखा गया है। इन पर लगातार छापामार अभियान चलेगा।
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संबंधित विभागों से जुटा रहे डाटा
छोटे सेवा प्रदाताओं को टैक्स के दायरे में लाने के लिए संबंधित विभागों जैसे नगर निगम, नगर पालिका, खाद्य सुरक्षा, बिजली, श्रम विभाग से भी लगातार डाटा जुटाया जा रहा है। बाजारों में लगे साइन बोर्ड, विज्ञापनों आदि के जरिये बड़े प्रतिष्ठानों का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। इसके बाद खंडाधिकारियों के जरिये इनका भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। टैक्स की चोरी पाए जाने पर उसे छापे में तब्दील कर दिया जाएगा।

पंजीकरण एक लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य 
स्टेट जीएसटी के अफसरों ने 31 दिसंबर तक पंजीकृत व्यापारियों की संख्या एक लाख तक पहुंचाने के लिए कमर कसी है। बीते 15 दिन से अभियान चल रहा है। इसकी समीक्षा 15 दिसंबर को होगी कि लक्ष्य के सापेक्ष कहां तक पहुंचे। इसमें ग्रामीण अंचलों, नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं तथा जिले के छोटे-बड़े बाजारों को शामिल किया गया है। यह पहला मौका होगा जब विभाग गांव और कस्बों में भी टैक्स देने योग्य अपंजीकृत व्यापारियों की तलाश की जा रही है। प्रदेश में टर्नओवर छिपाकर काम करने वाले व्यापारियों की संख्या बहुत है। इसका निश्चित आंकड़ा न होने से टैक्स चोरी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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