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फिर गरमाया कैश की किल्लत का मुद्दा, अब 100 रुपये के मटमैले नोट बने परेशानी का सबब

Sun, 06 May 2018 02:55 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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देश के कई राज्यों में कैश की किल्लत के बीच 100 रुपये के पुराने, मटमैले नोटों का मुद्दा गरमाता जा रहा है। बैंकर्स का मानना है कि 200 और 2000 के नोटों की ही तरह 100 रुपये के नोटों की सप्लाई भी कम है। क्योंकि 100 रुपये के ज्यादातर नोट एटीएम में डालने योग्य नहीं हैं क्योंकि कुछ नोट 2005 से भी पुराने हैं और कुछ बहुत ज्यादा मटमैले हैं। 

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बैंकर्स ने RBI से इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है। एक करंसी मैनेजर के मुताबिक अगर RBI 100 रुपये के नए नोट तेजी से नहीं लाएगी तो 500 रुपये के नोटों पर अधिक दबाव होगा।

आपको बता दें कि नोटबंदी के बाद RBI ने 100 के नोटों की सप्लाई बढ़ा दी थी। नोटबंदी से पहले 100 रुपये के 550 करोड़ पीस नोट चलन में थे लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 573.8 करोड़ रुपये कर दिया गया था। 
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एक बैंक मैनेजर के मुताबिक नोटबंदी के समय मटमैले नोट्स का प्रयोग किया गया था लेकिन ये नोट अभी भी चल रहे हैं। हालांकि इनकी हालत ज्यादा खराब है और इन्हें सुरक्षित रखना मुश्किल है। 

आरबीआई ने 2016-17 में 100 रुपये के 258.6 करोड़ पीस नोटों को डिस्पोज किया, जबकि पिछले 2 वित्त वर्ष में यह 510 करोड़ पीस से अधिक था। चलन में मौजूद कुल करंसी में 100 रुपये के नोटों का हिस्सा 10 फीसदी से बढ़कर 19.3 फीसदी हो गया। इसमें मटमैले नोटों का बड़ा हिस्सा था।

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