8 नवंबर को पीएम मोदी के संदेश के बाद लागू हुई नोटबंदी ने करीब 2 लाख लोगों के हाथ से नौकरी चली हई। बताया जा रहा है कि अक्तूबर 2016 से लेकर जनवरी 2017 तक करीब 1.52 लाख कैजुअल और 46 हजार पार्ट टाइन नौकरियों में कमी आई। खास बात यह है कि यह कटौती आठ प्रमुख सेक्टरों द्वारा जोड़ी गईं 1.22 लाख नौकरियों के बावजूद दर्ज की गई।
लेबर ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, पिछली तिमाही में 32,000 हजार नौकरियां गईं थीं। तिमाही रोजगार सर्वे के अनुसार नोटबंदी के टाइम सबसे ज्यादा नौकरियां गईं। इस दौरान मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में 1.13 लाख नौकरियां और आईटी/बीपीओ में 20,000 नौकरियां गईं। पार्ट टाइम नौकरियों में भी सबसे ज्यादा कटौती मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में ही हुई।
हालांकि, जनवरी से मार्च 2017 के बीच मैनुफैक्चरिंग में 83,000, ट्रेड में 7,000, ट्रांसपोर्ट में 1,000, आईटी/बीपीओ में 12,000, शिक्षा में 18,000 और हेल्थ सेक्टर में 2,000 नौकरियों की बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा पिछले साल आवास और रेस्त्रां सेक्टर में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। इस 1.39 लाख कर्मचारियों में 1.24 लाख अनुबंधित कर्मचारी है। मोदी सरकार ने हर साल 2.5 करोड़ नौकरियों का वादा किया था। भारत में हर साल 1.2 करोड़ लोग लेबर फोर्स से जुड़ते हैं।