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हिंदी दिवस: डॉक्टर ने हिंदी में इलाज की पर्चियां बनाकर किया हिंदी भाषा का सम्मान

Sun, 15 Sep 2019 01:45 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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डॉक्टर ने मरीजों को हिंदी में इलाज की पर्चियां बनाकर मिशाल पेश की - फोटो : social media
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देशभर में 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया गया। इस उपलक्ष्य में दिल्ली के एक निजी नर्सिंग होम की डॉक्टर ने मरीजों के लिए हिंदी में इलाज की पर्चियां बनाकर मिसाल पेश की और हिंदी भाषा के प्रति सम्मान दर्शाया। 

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आमतौर पर आपने देखा होगा कि डॉक्टर जो प्रिस्क्रीप्शन लिखते हैं वह अंग्रेजी में होता है और आम इंसान के कम ही समझ में आता है। लेकिन हिंदी दिवस के मौके पर निजी नर्सिंग होम ने  सुुंदर अक्षरों में मरीजों के लिए हिंदी में प्रिस्क्रीप्शन लिखा। हिंदी में उपचार केे लिए लिखी गई इस पर्ची में दवा का नाम भी हिंदी में ही लिखा गया था। दवा कैसे खानी है और कब खानी, इसकी जानकारी भी हिंदी में दी गई थी।

बबीता कहती हैं- हिंदी भाषा को लेकर मेरी प्रेरणास्त्रोत मेरी मां रही हैं। - फोटो : अमर उजाला
मयूर विहार स्थित निजी नर्सिंग होम आस्था मेडिकल सेंटर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर बबीता अरोड़ा का कहना है कि हिंदी दिवस को खास बनाने के लिए ऐसा किया गया ताकि लोगों के बीच मिसाल पेश की जा सके। वह कहती हैं कि जब मैंने हिंदी में प्रिस्क्रीप्शन लिखा तो नए मरीज देखकर थोड़ा हैरान जरूर हुए लेकिन मेरे पुराने मरीजों को पता है कि मैं हर साल हिंदी दिवस के मौके पर हिंदी में ही प्रिस्क्रीप्शन लिखती हूं।

डॉक्टर बबीता कहती हैं कि अगर दवा विक्रेताओं को कोई दिक्कत न हो तो मैं हर दिन हिंदी में ही प्रिस्क्रीप्शन लिखने को तैयार हूं। लेकिन आमतौर पर होता यह है कि मेडिकल स्टोर वाले हिंदी में प्रिस्क्रीप्शन लिखने पर दवा का नाम नहीं समझ पाते और मरीज को दवा देने में उन्हें दिक्कत होती है।
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मरीजों के लिए हिंदी में लिखा गया डॉक्टरी पर्चा - फोटो : अमर उजाला
बबीता कहती हैं कि वह सिर्फ हिंदी दिवस पर ही हिंदी में प्रिस्क्रीप्शन नहीं लिखती बल्कि किसी भी राष्ट्रीय पर्व के दिन मरीजों को हिंदी में प्रिस्क्रीप्शन लिखती हैं ताकि हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और गर्व महसूस कर सकें।  डॉक्टर बबीता के मुताबिक उन्हें यह प्रेरणा अपनी मां से मिली है। बबीता कहती हैं- हिंदी भाषा को लेकर मेरी प्रेरणास्त्रोत मेरी मां रही हैं। वह हिंदी की शिक्षिका हैं।  

 
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