बताया जाता है कि अपने मालिक के निधन के बाद लाजारे को एनेसी मार्लियोज के एक पशु आश्रय में लाया गया था। बढ़ती उम्र और कई बीमारियों के बीच उसका जीवन आसान नहीं था। वह गठिया से परेशान था, सुनने की क्षमता कम हो गई थी, आंखों की रोशनी भी कमजोर हो चुकी थी और एक शारीरिक समस्या के कारण उसकी जीभ हमेशा मुंह के बाहर एक तरफ लटकी रहती थी। फिर भी, उसकी जिजीविषा और खुशमिजाजी ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
लाजारे की कहानी तब लोगों तक पहुंची, जब सोशल मीडिया पर एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए उसकी उम्र और जीवन से जुड़ी जानकारी साझा की गई। पोस्ट में बताया गया कि आधिकारिक दस्तावेजों और माइक्रोचिप के अनुसार उसकी जन्मतिथि 4 दिसंबर 1995 दर्ज थी। यह जानकर लोग हैरान रह गए, क्योंकि इतनी लंबी उम्र तक किसी कुत्ते का जिंदा रहना बहुत ही दुर्लभ माना जाता है।
उसकी जिंदगी में सबसे खूबसूरत मोड़ तब आया, जब ओफेली बौडोल नाम की एक महिला ने उसे आश्रय में देखा और बिना देर किए उसे गोद ले लिया। अपने नए घर में लाजारे को वो प्यार और देखभाल मिली, जिसकी उसे जरूरत थी। अपने आखिरी दिनों में उसने सुकून और अपनापन महसूस किया। वह भले ही धीरे चलता था, लेकिन रोज सुबह और दोपहर की सैर का आनंद लेना नहीं छोड़ता था और उसकी भूख भी ठीक बनी हुई थी।
इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। कई लोगों ने इस कहानी को बेहद भावुक करने वाला बताया और कहा कि पालतू जानवर सिर्फ जानवर नहीं होते, बल्कि परिवार का हिस्सा होते हैं। लोगों ने यह भी माना कि सही देखभाल, संतुलित खानपान और प्यार किसी भी जीव को लंबा और बेहतर जीवन दे सकता है।
लाजारे आज भले हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसकी कहानी हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। उसने यह साबित कर दिया कि सच्चा प्यार और अपनापन उम्र और हालात की सीमाओं से कहीं आगे होता है।
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