दुनिया का 'मोस्ट वांटेड' जहाज
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एक जहाज की अनेक पहचान
जनवरी 2017 में इस लुटेरे जहाज ने अपना नाम बदलकर सी-ब्रीज-1 रख लिया और खुद को अफ्रीकी देश टोगो में रजिस्टर बताने लगा। जैसे-जैसे ये जहाज अलग-अलग बंदरगाहों पर जाता, अपना नाम बदलता रहता और जाली दस्तावेज दिखाकर निकल जाता। इस जहाज के चालक दावा पेश करते थे कि उनका जहाज करीब आठ देशों के लिए काम करता है, जिसमें टोगो, नाइजीरिया और लैटिन अमेरिकी देश बोलीविया भी शामिल हैं।
आखिरकार 2018 में आंद्रे डोलोगोव को मेडागास्कर में एक बंदरगाह पर पकड़ लिया गया, लेकिन इस बार भी जहाज के कप्तान अधिकारियों को चकमा देकर फरार हो गए। हालांकि इस बार ये समुद्री लुटेरे अपने निशान छोड़ गए। इस जहाज में स्वचालित ट्रांसपोंडर लगा था, जिसका इस्तेमाल समुद्र में जहाजों के बीच टकराव रोकने में होता है। इसे AIS के नाम से जाना जाता है। सैटेलाइट की मदद से इसकी लोकेशन का पता लगाना आसान हो जाता है। इंडोनेशिया के अधिकारियों ने आंद्रे डोलोगोव के AIS का ही पीछा किया। कई दिनों की मशक्कत के बाद उसे कब्जे में ले लिया।