प्रतीकात्मक तस्वीर
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ये बम, अमेरिका के लिटिल बॉय और फैट मैन एटम बमों जैसा ही था, मगर उनसे बहुत बड़ा था। ये पल भर में एक बड़े शहर को खाक में तब्दील कर सकता था। सोवियत लड़ाकू जहाज टुपोलोव-95 इसे लेकर रूस के पूर्वी इलाके में स्थित द्वीप नोवाया जेमलिया पर पहुंचा. इसके साथ ही एक और विमान उड़ रहा था, जिसको कैमरे के जरिए बम के विस्फोट की तस्वीरें उतारनी थीं। टुपोलोव विमान ने करीब दस किलोमीटर की ऊंचाई से पैराशूट के जरिए गिराया गया। इसकी वजह ये थी कि जब तक विस्फोट हो, तब तक गिराने वाला लड़ाकू जहाज और तस्वीरें उतारने के लिए गया विमान, दोनों सुरक्षित दूरी तक पहुंच जाएं। हालांकि इसकी उम्मीद पचास फीसदी ही थी।