ऑगस्टस क्लियोपैट्रा को रोम में एक बंदी के रूप में रखने वाले थे। लेकिन उसे रोकने के लिए क्लियोपैट्रा ने खुद को मार डाला। इससे साफ होता है कि क्लियोपैट्रा अपने प्यार के लिए नहीं मरी थी। क्लियोपैट्रा ने शर्मिंदा और असहाय होने की हिंसा को झेलने के बजाय मौत को चुना। क्लियोपैट्रा आज इतिहास में एक ऐसी रहस्यमयी शख्सियत के रूप में दर्ज हैं जिसके रहस्य पर से परदा हटाने का सिलसिला अभी रुका नहीं है।