आपने कॉन्गो के लावा लेक के बारे में सुना है? अगी आप प्रकृति के कई रंगों को जानने के शौकीन हैं, तो ये जगह जरूर पसंद आएगी आपको।
डेली मेल के मुताबिक कॉन्गो में माउंट यारागॉन्गो स्थित है। ये एक बड़ी पहाड़ी है जिसके नीचे एक बहुत बड़ी झील है। इस झील को जिसे लावा लेक के नाम से जाना जाता है।
इस पहाड़ी को दुनिया का सबसे एक्टिव वॉलकैनो माना जाता है। ऐसा भी माना जाता है कि ये हर 30 सालों में एक बार फूटता है।
चढ़ें 11400 फीट
लावा लेक का नजारा बहुत ही दुर्लभ है। चूंकि, ये हर 30 सालों में फूटता है इसलिए लोगों की इसमें खासी दिलचस्पी होती है।
लेकिन इतनी ऊंचाई और खतरनाक जगह पर होने के कारण यहां सब का आना संभव नहीं। सरकार भी इसे टूरिस्ट स्पॉट नहीं बनाती।
हांलाकि रूस के मिखेल कॉरस्लेव और उनकी पत्नी ज्वालामुखी वाले झील को देखने के लिए बहुत आतुर थे। वो इसका नजारा लेने के लिए पहुंच गए 11400 फीट की ऊंचाई पर।
वहां जाकर उन्होंने कई तस्वीरें खींची। तस्वीरों में उन्होंने दिखाया कि कितने सुंदर तरीके से ये एक्टिव वॉलकेनो के क्षेत्र में इस लावा लेक से लपटें उठ रही हैं।
20 मिनट लिए पूरे मजे
मिखाइल दंपति का कहना है कि उन्होंने इस दुर्लभ नजारे का मजा पूरे 20 मिनट तक लिया। वो वॉलकैनो यानी के ज्वालामुखी से काफी दूर और ऊंचाई पर थे, लेकिन उस पूरे सीन की बात की कुछ और थी।
जिंदगी भर के लिए इस अद्भुत पल को अपनी यादों में संजोने के बाद वो लोग वहां से चले आए। आपको बतांए कि माउंट यारागॉन्गो की वजह से उस क्षेत्र से लगभग 400000 लोग पलायन कर चुके हैं।
उन्होंने जोड़ा कि लावा लेक हर समय भड़कता रहता है। लेकिन पहाड़ी से ज्वालामुखी फटाने के डर से लोग इससे दूर यहां से दूर रहना पसंद करते हैं।
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