हर मां-बाप अपने बच्चे के सुनहरे भविष्य की कामना करते हैं। लेकिन हमारे ही देश के महाराष्ट्रा राज्य के सोलापुर नाम की जगह पर बच्चों की भलाई के लिए एक ऐसा काम होता है जिसे देख कोई भी डर जाए।
ऑडी के मुताबिक ये लगभग 500 सालों पुरानी परंपरा मानी जाती है। इस परंपरा के तहत छोटे बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें 50 फुट की ऊंची मीनार से फेंक दिया जाता है।
बच्चे को नीचे पकड़ने के लिए लोग चादर फैलाए खड़े रहते हैं। जैसे ही बच्चा गिरता है वैसे ही वो उसे पकड़ लेते हैं।
सब कुछ खुशकिस्मती के लिए
ऐसा माना जाता है कि बच्चे को इस तरह नीचे फेंकने से उसे उसके अच्छे भविष्य की दुआएं लग जाती हैं और वो बढ़िया सेहत और ताकत के साथ जीवन बिताता है।
ये एक ऐसी परंपरा है जिसमें चाहे हिंदु हो या मुसलमान दोनों ही धर्मों के लोग यहां बराबर यकीन रखते हैं।
आपको बताएं कि केवल महाराष्ट्रा ही एक ऐसा राज्य नहीं है जहां इस काम को किया जाता है बल्कि केरल के अठानी ताल्लुक स्थित श्री श्रीद्धेश्वर मंदिर में भी बच्चों को 30 फुट ऊंचे मंदिर से यूं ही फेंका जाता है। तस्वीर टेलिग्राफ से।
टूटती है भीड़
अपने बच्चे के लिए यहां दूर-दराज से लोग इस तरह की परंपरा का हिस्सा बनने को आते हैं।
कोई इसको माने या फिर न माने, लेकिन इससे उन लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता कि जो इसमें विश्वास रखते हैं।
हांलाकि छोटे बच्चे यूं खुद को इस तरह से फिकवाने के दौरान बहुत रोते हैं और अक्सर गिरने के बाद भी सहमें हुए ही रहते हैं। तस्वीर इंडियन एक्सप्रेस से।
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