शांत माहौल में सफर कर रहे यात्रियों के बीच अचानक गाने की आवाज गूंजने लगे तो हर किसी का ध्यान उस ओर जाना तय है। ऐसा ही कुछ एक ट्रेन में देखने को मिला, जहां महिलाओं का एक ग्रुप अपनी खुशी में इस कदर डूबा था कि आसपास बैठे यात्रियों को भी उनकी आवाज सुननी पड़ रही थी। मामला इतना बढ़ा कि शिकायत के बाद TTE को मौके पर पहुंचना पड़ा। TTE ने महिलाओं से शांति बनाए रखने की अपील की और दोबारा शिकायत मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
ट्रेन में शुरू हुआ जोरदार गाना
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के शुरुआती करीब 30 सेकंड में कई महिलाएं एक साथ तालियां बजाते हुए ‘लंबर्गिन्नी चलाई जाने ओ’ की तर्ज पर गाना गाती दिखाई देती हैं। महिलाएं अपनी यात्रा का खूब आनंद लेती नजर आती हैं। हालांकि, ट्रेन में मौजूद दूसरे यात्रियों के लिए यह शोर परेशानी का कारण बन गया। इसके बाद किसी यात्री ने सीधे महिलाओं को टोकने के बजाय TTE से शिकायत कर दी। शिकायत मिलते ही TTE वहां पहुंचा और महिलाओं से आवाज धीमी रखने की अपील की।
TTE ने दी साफ चेतावनी
TTE ने महिलाओं को समझाते हुए कहा कि अगर दोबारा शिकायत मिली तो रेलवे को कार्रवाई करनी पड़ सकती है और उन्हें ट्रेन से उतारा भी जा सकता है। TTE की बात चल ही रही थी कि कुछ महिलाएं इसे भी मजाक में लेने लगीं। वे ‘आगे उतार दीजिएगा’ और ‘पहले उतार दीजिएगा’ जैसी बातें कहकर हंसती नजर आईं। हालांकि, ग्रुप में मौजूद कुछ महिलाओं ने TTE की बात को गंभीरता से लिया और भरोसा दिलाया कि आगे से ऐसी शिकायत का मौका नहीं मिलेगा।
वीडियो पर लोगों की अलग-अलग राय
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस छिड़ गई। कुछ यूजर्स ने महिलाओं का बचाव करते हुए कहा कि वे आखिर अपनी ट्रिप का आनंद ही तो ले रही थीं। वहीं, दूसरे यूजर्स ने इसे पब्लिक स्पेस में सिविक सेंस से जोड़ते हुए महिलाओं के व्यवहार की आलोचना की। एक यूजर ने कहा कि इसमें कुछ गलत नहीं है, जबकि जवाब में दूसरे यूजर ने लिखा कि ट्रेन प्राइवेट स्पेस नहीं, बल्कि पब्लिक स्पेस है। एक अन्य यूजर ने महिलाओं को ‘देहाती’ कहने पर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसा कहना ठीक नहीं है।
रेलवे स्टाफ की हुई तारीफ
सिद्धार्थ ने वीडियो शेयर करते हुए महिलाओं के व्यवहार पर सवाल उठाए और रेलवे स्टाफ की तारीफ की कि शिकायत के बाद कम से कम उन्हें रोकने के लिए TTE मौके पर पहुंचा। वीडियो ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सार्वजनिक जगहों पर अपनी खुशी मनाने और दूसरों की सुविधा का ध्यान रखने के बीच संतुलन कितना जरूरी है।