मुंबई का राम मंदिर रेलवे स्टेशन इन दिनों चर्चा का बड़ा केंद्र बना हुआ है। वजह है वहां हुई एक ऐसी घटना, जिसने यह साबित कर दिया कि मुश्किल समय में इंसानियत और हिम्मत सबसे बड़ा सहारा होती है। देर रात जब लोकल ट्रेन स्टेशन पर रुकी हुई थी, तभी उसमें सफर कर रही एक महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। यह स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी क्योंकि उस वक्त न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही एम्बुलेंस समय पर पहुंच पाई थी। लेकिन ठीक इसी मौके पर वहां मौजूद एक युवक ने जो साहस और समझदारी दिखाई, उसने न केवल महिला की जान बचाई बल्कि नवजात बच्चे को भी सुरक्षित जन्म लेने का मौका दिया। तो आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बता दें कि हुआ यह कि महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी। यात्री घबराए हुए थे और किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। तभी ट्रेन में मौजूद उस युवक ने तुरंत इमरजेंसी चेन खींची और ट्रेन को रोक दिया। उसने देखा कि महिला को तुरंत मदद की जरूरत है। वरना मामला गंभीर हो सकता है। स्टेशन पर खड़े लोग भी इस घटना को देख रहे थे, लेकिन सभी असमंजस में थे। तभी युवक ने आगे बढ़कर कमान अपने हाथ में ले ली।
ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर बच्चे को दिया जन्म
चूंकि पास में कोई मेडिकल सुविधा नहीं थी, युवक ने अपनी समझदारी का इस्तेमाल किया। उसने अपने एक दोस्त को वीडियो कॉल किया, जो डॉक्टर है। कॉल के जरिए डॉक्टर ने महिला को सुरक्षित तरीके से डिलीवरी कराने के लिए जरूरी गाइडेंस दी। युवक ने उसी निर्देश का पालन करते हुए रेलवे प्लेटफॉर्म पर ही महिला की डिलीवरी में मदद की। थोड़ी देर की मशक्कत के बाद आखिरकार बच्चे का जन्म हो गया। मां और बच्चा दोनों सुरक्षित थे।
लोगों ने की युवक की तारीफ
सोचने वाली बात यह है कि अगर उस युवक ने वक्त पर पहल नहीं की होती तो स्थिति बिगड़ सकती थी। वहां मौजूद लोग भी उसकी इस बहादुरी और इंसानियत के जज्बे से प्रभावित हो गए। हर किसी ने उसकी तारीफ की कि बिना मेडिकल ट्रेनिंग के भी उसने इतनी मुश्किल घड़ी में धैर्य रखा और सही कदम उठाया।
यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
अब इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग युवक की सूझबूझ और हिम्मत की सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि इस घटना से यह सीख मिलती है कि मुसीबत की घड़ी में केवल एक व्यक्ति का साहस सैकड़ों जिंदगियां बचा सकता है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि रेलवे और प्रशासन को भी ऐसे मामलों के लिए और बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए ताकि यात्रियों को तुरंत मेडिकल सुविधा मिल सके।