सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो खूब चर्चा में है, जिसमें एक महिला ने देश के मशहूर ताज होटल के खिलाफ शिकायत की है। महिला का कहना है कि वह अपनी बहन को दिवाली पर डिनर कराने के लिए होटल गई थीं, लेकिन वहां उनके बैठने के तरीके और पहनावे को लेकर होटल मैनेजर ने आपत्ति जता दी। ये बात महिला को इतनी बुरी लगी कि उन्होंने वहीं बैठकर पूरा वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे एक्स पर शेयर कर दिया। देखते ही देखते ये वीडियो वायरल हो गया और इंटरनेट पर लोगों के बीच एक नई बहस शुरू हो गई। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वीडियो में महिला ने बताया कि वह अपनी मेहनत की कमाई से बड़ी उम्मीदों के साथ ताज होटल पहुंची थीं। उन्होंने सलवार-कुर्ती और कोल्हापुरी चप्पल पहनी हुई थी यानी एकदम नॉर्मल लुक में थीं। डिनर के दौरान जब उन्होंने कुर्सी पर पालथी मारकर बैठना शुरू किया तो होटल के मैनेजर उनके पास आए और कहा कि ऐसा करना यहां ठीक नहीं है।
पालथी मारकर बैठी महिला तो हुआ बवाल
महिला के मुताबिक मैनेजर ने उनसे कहा कि ताज एक फाइन डाइनिंग रेस्टोरेंट है, जहां बहुत अमीर और हाई-प्रोफाइल लोग आते हैं। इसलिए उन्हें प्रॉपर तरीके से पैर नीचे करके बैठना चाहिए और जूते या फुटवियर पहनने चाहिए। इस पर महिला ने जवाब दिया कि उन्होंने पहले से ही कोल्हापुरी चप्पल पहनी हुई है और उनका पहनावा भी बिलकुल मर्यादित है। फिर भी उनके बैठने के अंदाज पर आपत्ति क्यों की जा रही है?
वीडियो बनाते हुए भावुक हुई महिला
वीडियो में महिला काफी भावुक और गुस्से में नजर आ रही हैं। वह कहती हैं, “मैं एक आम औरत हूं, जो अपनी मेहनत की कमाई से अपनी इज्जत के साथ ताज होटल में डिनर करने आई हूं। लेकिन मुझे सिर्फ इसलिए अपमानित किया गया क्योंकि मैंने पालथी मारकर बैठने की कोशिश की। क्या ये कोई गुनाह है?” इस महिला का नाम श्रद्धा शर्मा है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें ताज होटल का रवैया बहुत भेदभावपूर्ण लगा। उनका कहना था कि ये क्लास और कल्चर का फर्क दिखाने की कोशिश है, जहां अमीरों के लिए एक नियम है और आम लोगों के लिए दूसरा। श्रद्धा ने वीडियो में कहा, “मैं रतन टाटा जी की बहुत इज्जत करती हूं। वे मेरी कंपनी में इन्वेस्टर भी हैं। लेकिन ताज होटल का बर्ताव देखकर दिल दुखी हो गया।”
वीडियो पर यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
जैसे ही श्रद्धा का वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा, लोगों की राय दो हिस्सों में बंट गई। कुछ लोगों ने श्रद्धा का समर्थन किया और कहा कि हर किसी को अपनी सुविधा के हिसाब से बैठने का हक है। उन्होंने होटल के रवैये को अंग्रेजियत बताया और कहा कि यह भारत है, जहां पालथी मारकर बैठना कोई असभ्यता नहीं बल्कि संस्कृति का हिस्सा है।