भारतीय संस्कृति में दामाद को विशेष दर्जा दिया जाता है। पारंपरिक रीति-रिवाजों में विवाह के समय बेटी और दामाद के चरण छूने की रस्म भी निभाई जाती है। लेकिन हाल ही में, उत्तर प्रदेश के बागपत से सामने आई एक हैरान करने वाली घटना ने इन मान्यताओं को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि ससुराल पक्ष ने अपने ही दामाद को बेरहमी से पीटा और इस पूरी घटना के पीछे खुद उसकी पत्नी का हाथ बताया जा रहा है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यह मामला बागपत जिले के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र स्थित डौला गांव का है। यहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में रात 11 बजकर 54 मिनट पर घटी घटना रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति गली से गुजर रहा था, तभी अचानक 3-4 लोग उस पर टूट पड़ते हैं और उसे बुरी तरह से मारना शुरू कर देते हैं।
सालों ने की जीजा की बेरहमी से पिटाई
इस वीडियो की लंबाई करीब 2 मिनट 38 सेकंड है। वीडियो में 45वें सेकंड के बाद हमला शुरू होता है और लगभग 1 मिनट 57 सेकंड तक जारी रहता है। बताया गया है कि मार खाने वाला शख्स रिश्ते में हमलावरों का जीजा है। सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि यह हमला दामाद की ओर से पत्नी के एक अनजान दोस्त को घर में आने से रोकने पर हुआ।
यह है पूरा मामला
दरअसल, दामाद ने जब अपनी पत्नी के किसी अजनबी पुरुष मित्र को घर में घुसने से रोका तो पत्नी ने यह बात अपने भाइयों को बता दी। इसके बाद तीनों साले मिलकर रात में दामाद पर टूट पड़े और उसे लहूलुहान कर डाला। वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक की हालत बेहद खराब हो जाती है और गली में उसकी चीखें सुनाई देती हैं। वीडियो के आखिरी हिस्से में हमलावर साले, घायल दामाद को जबरन अपने साथ ले जाते नजर आते हैं। यह पूरा वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यूजर्स द्वारा शेयर किया गया है और लाखों लोग इसे देख चुके हैं।
वीडियो पर लोगों ने दी ऐसी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को लेकर लोग जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ यूजर्स ने ऐसी पत्नी को छोड़ने की सलाह दी है, जबकि कई लोगों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक यूजर ने कमेंट किया, “जो पत्नी पिटवाए, उसे छोड़ देना चाहिए।” वहीं, एक और यूजर ने लिखा, “इस वीडियो से क्या साबित करना चाह रहे हो, कुछ समझ नहीं आया।” लोगों का मानना है कि यह घटना न केवल रिश्तों की मर्यादा को सवालों के घेरे में लाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एक निजी विवाद सोशल मीडिया पर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन सकता है।