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अमेरिका के राष्ट्रपति भवन को 'व्हाइट हाउस' ही क्यों कहते हैं? जानिए 118 साल पुराना इतिहास

Tue, 25 Feb 2020 05:07 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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व्हाइट हाउस, अमेरिका - फोटो : Social media
दुनिया के लगभग हर देश में राष्ट्रपतियों के रहने के लिए एक आधिकारिक आवास बनाया गया है। भारत में तो इसे राष्ट्रपति भवन के नाम से ही जानते हैं, लेकिन अमेरिका में राष्ट्रपति भवन को 'व्हाइट हाउस' कहा जाता है। हालांकि हमेशा से इसका नाम व्हाइट हाउस नहीं था। जब इसका निर्माण हुआ था, तब इसका नाम 'प्रेसीडेंट्स पैलेस' या 'प्रेसीडेंट मैंशन' था। तो आखिर ऐसी क्या वजह थी कि इसका नाम 'व्हाइट हाउस' रखा गया? दरअसल, इसके पीछे 118 साल पुराना इतिहास छुपा हुआ है, जिसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। 
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व्हाइट हाउस, अमेरिका - फोटो : Social media
'व्हाइट हाउस' सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति का निवास स्थान ही नहीं बल्कि यह अमेरिका की एतिहासिक विरासत का एक उत्कृष्ट नमूना भी है। व्हाइट हाउस में हर वो सुविधा मौजूद है जो किसी भी ताकतवर देश के पास रहने की अपेक्षा की जाती है। इसके अंदर एक बंकर भी मौजूद है, जो किसी मुसीबत के वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके परिवार को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 
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पहले का व्हाइट हाउस - फोटो : Social media
आयरलैंड में पैदा हुए जेम्स होबन ने व्हाइट हाउस का डिजाइन तैयार किया था। इसका निर्माण कार्य वर्ष 1792 से 1800 के बीच यानी आठ साल में पूरा हो गया था। आपको जानकर हैरानी होगी कि आज व्हाइट हाउस जहां पर खड़ा है, वहां पर कभी जंगल और पहाड़ थे। 

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व्हाइट हाउस, अमेरिका - फोटो : Social media
व्हाइट हाउस में कुल 132 कमरे हैं। इसके अलावा इसमें 35 बाथरूम, 412 दरवाजे, 147 खिड़कियां, 28 अंगीठी, 8 सीढ़ियां और तीन लिफ्ट भी हैं। छह मंजिला इस इमारत में दो बेसमेंट, दो पब्लिक फ्लोर और बाकी के फ्लोर को अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा व्हाइट हाउस में पांच फुलटाइम शेफ काम करते हैं और भवन के अंदर 140 मेहमानों के एकसाथ रात्रि भोजन की व्यवस्था है।  
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व्हाइट हाउस, अमेरिका - फोटो : Social media
व्हाइट हाउस की बाहरी दीवारों को पेंट करने के लिए 570 गैलन रंग की जरूरत पड़ती है। बताया जाता है कि साल 1994 में व्हाइट हाउस को पेंट करने का खर्च दो लाख 83 हजार डॉलर यानी करीब एक करोड़ 72 लाख रुपये से ज्यादा आया था।  
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व्हाइट हाउस, अमेरिका - फोटो : Social media
अमेरिकी राष्ट्रपति भवन का नाम व्हाइट हाउस पड़ने के पीछे कहानी ये है कि साल 1814 में ब्रिटिश आर्मी ने वाशिंगटन डीसी में बहुत सी जगहों पर आग लगा दी थी। इसमें व्हाइट हाउस भी शामिल था। इस आग की वजह से इसकी दीवारों की खूबसूरती चली गई, जिसके बाद इमारत को फिर से आकर्षक बनाने के लिए उसे सफेद रंग से रंग दिया गया। इसके बाद से ही इसे 'व्हाइट हाउस' कहा जाने लगा। फिर साल 1901 में अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट ने आधिकारिक रूप से इसका नाम व्हाउस हाउस ही रख दिया। 
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