Zara Hatke: अब सवाल यह है कि आखिर परफ्यूम लगाने से उड़ान की सुरक्षा का क्या संबंध हो सकता है? इसका जवाब है ब्रेथलाइजर टेस्ट। दरअसल भारत में हर पायलट को उड़ान से पहले ब्रेथलाइजर टेस्ट देना अनिवार्य है।
हवाई जहाज उड़ाना सिर्फ मशीन चलाने की कला नहीं है, बल्कि इसमें ढेर सारे नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है। इन नियमों में कई बार ऐसी बातें भी शामिल होती हैं जो सुनने में अजीब लगती हैं। उदाहरण के लिए पायलटों को उड़ान से पहले परफ्यूम न लगाने की सलाह दी जाती है। पहली नजर में यह थोड़ा मजाकिया या हैरान करने वाला लग सकता है, लेकिन यह असल में सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा एक अहम नियम है, जिसे भारत का नागरिक उड्डयन महानिदेशालय तय करता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
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परफ्यूम क्यों नहीं लगाते पायलट
अब सवाल यह है कि आखिर परफ्यूम लगाने से उड़ान की सुरक्षा का क्या संबंध हो सकता है? इसका जवाब है ब्रेथलाइजर टेस्ट। दरअसल भारत में हर पायलट को उड़ान से पहले ब्रेथलाइजर टेस्ट देना अनिवार्य है। यह टेस्ट यह जांचने के लिए किया जाता है कि पायलट ने शराब पी रखी है या नहीं। पायलट का दिमाग और शरीर पूरी तरह से सतर्क होना चाहिए, तभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है।
यात्रियों की सुरक्षा से है सीधा संबंध
मगर समस्या यह है कि कई रोजमर्रा के उत्पादों में भी अल्कोहल पाया जाता है। जैसे, परफ्यूम, कोलोन, माउथवॉश, हैंड सैनिटाइजर और यहां तक कि कुछ दवाइयों और जैल में भी एथिल अल्कोहल होता है। अगर पायलट ने इन चीजों का इस्तेमाल किया है तो उनके ब्रेथलाइजर टेस्ट का रिजल्ट गलत आ सकता है। यानी भले ही पायलट ने शराब न पी हो, लेकिन मशीन परफ्यूम में मौजूद अल्कोहल को पकड़ सकती है और उसे पॉजिटिव दिखा सकती है।
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कैप्टन ने आसान भाषा में समझाया
कैप्टन तोमर अवधेश ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम वीडियो में इस नियम को बड़ी सरलता से समझाया। उन्होंने बताया कि पायलटों को परफ्यूम पसंद न हो ऐसा नहीं है। बल्कि वे भी ड्यूटी फ्री दुकानों से परफ्यूम खरीदते हैं। लेकिन दिक्कत यह है कि उड़ान से पहले हर पायलट को अल्कोहल जांच से गुजरना पड़ता है। चूंकि ज्यादातर परफ्यूम और कोलोन अल्कोहल आधारित होते हैं, इसलिए उनका इस्तेमाल ब्रेथलाइजर टेस्ट को बिगाड़ सकता है।
ब्रेथलाइजर मशीन पकड़ लेती है अल्कोहल
उन्होंने यह भी कहा कि ब्रेथलाइजर मशीन बहुत ही सेंसेटिव होती है। यह इतनी बारीक जांच करती है कि थोड़ी सी भी अल्कोहल भी पकड़ लेती है। ऐसे में अगर पायलट ने हल्का सा परफ्यूम लगाया है तो भी मशीन उसे अल्कोहल मान सकती है। इसका मतलब है कि टेस्ट पॉजिटिव आने पर पायलट को उड़ान से रोक दिया जाएगा, उड़ान में देरी होगी और पायलट के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी हो सकती है। यह सब तब भी हो सकता है, जब पायलट ने एक बूंद भी शराब न पी हो।