21 जून को ही क्यों होता है साल का सबसे बड़ा दिन?
- फोटो : Adobe Stock
Longest Day: हम सभी बचपन से ही जानते हैं कि 21 जून साल का सबसे बड़ा दिन (लंबा दिन) होता है। आम दिनों को 24 घंटे के हिसाब से देखा जाता है, 12 घंटे का दिन और 12 घंटे की रात। हालांकि, सूर्योदय और सूर्यास्त के कारण दिन और रात के समय में अंतर आ जाता है। जून महीने के 21वें दिन के साथ भी कुछ ऐसा ही है। इस तारीख का दिन आम दिनों के मुकाबले अधिक घंटे का होता है। इसके पीछे का कारण सोल्सटिस है। आइए जानते हैं कि आखिर पूरी कहानी क्या है?
यह जरूरी नहीं है कि हर साल सबसे लंबा दिन 21 जून को ही हो। सबसे लंबे दिन पर सूर्य के उगने से लेकर अस्त होने तक के बीच करीब 13 घंटे का समय होता है। जगह के हिसाब से यह अंतर 14 घंटे का भी हो सकता है। 21 जून को सबसे लंबा दिन ग्रीष्म संक्रांति या सोल्सटिस के कारण होता है।
सोल्सटिस एक खगोलीय घटना है और यह साल में दो बार होती है। एक 21 जून को गर्मियों में और दूसरी सर्दियों में सबसे लंबे दिन सूरज की किरण अधिक देर तक रहती है। सबसे छोटा दिन सर्दियों में होता है, उस दौरान सूरज की रोशनी सबसे कम समय के लिए रहती है।
Ellora Kailasanatha Temple: किसी अजूबे से कम नहीं है भारत का ये मंदिर, 100 साल में बनकर हुआ था तैयार
ऐसा नहीं है कि सबसे लंबा या छोटा दिन उसी तारीख को हो। सबसे लंबा दिन 20 से 22 जून के बीच कभी भी हो सकता है। इस बदलाव के पीछे अलग-अलग कैलेंडर प्रणाली हैं। जिस कैलेंडर का अभी आमतौर पर इस्तेमाल होता है, एक सामान्य साल में 365 दिन और लीप वर्ष में 366 दिन होते हैं। इस एक दिन के कारण तारीख में बदलाव होता है।
Israel-Iran War: किस जानवर का मांस सबसे ज्यादा खाते हैं इस्राइल के ताकतवर सैनिक, जानकर नहीं होगा यकीन
क्या है लंबे दिन की वजह?
उत्तरी गोलार्ध सूर्य की तरफ ज्यादा झुका है, जिसके सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर सबसे लंबे समय के लिए पड़ता है। इस दिन उत्तरी गोलार्ध में सूर्य सबसे ज्यादा ऊंचाई पर दिखता है। इससे एक आर्क बनता है, जिसके कारण सूर्य सबसे अधिक समय तक रोशनी प्रदान करता है।