एक अप्रैल के नाम ढेर सारे किस्से हैं। इस दिन के ढेर सारे नाम भी हैं। लेकिन यह कहानी हंसी की नहीं है-अप्रैल फूल की तो कतई नहीं। कई बार हम उन महत्वपूर्ण चेतावनियों को भी अनसुना या अनदेखा कर देते हैं, जिनका नतीजा बाद में खतरनाक साबित होता है।
ऐसे ही एक घटना 1946 में अलास्का में घटी थी। अलास्का के अल्यूशन आइलैंड में 1 अप्रैल 1946 को भूकंप आया था। इस भूकंप का झटका इतना तेज था कि इसके बाद आई सुनामी ने उस दौरान बड़ा नुकसान किया। दरअसल, अप्रैल फूल्स डे होने के कारण लोग आपस में एक-दूसरे के साथ मजाक-मस्ती में लगे हुए थे, जब अधिकारियों ने भूकंप और सुनामी आने की चेतावनी दी।
अलास्का के लोगों ने इस चेतावनी को अप्रैल फूल का मजाक समझकर इसे नजरअंदाज किया, लेकिन अधिकारियों की दी गई चेतावनी सही निकली। अलास्का में आए इस भूकंप के झटके की तीव्रता 8.6 थी। इसके परिणामस्वरूप, लगभग 175 लोगों की जान को नुकसान हुआ था, जिसमें लगभग डेढ़ अरब से ऊपर की क्षति हुई थी।
इस भयानक भूकंप के बाद सुनामी ने यूनिमैक द्वीप में स्थित स्कॉच कैप लाइटहाउस को तहस-नहस कर दिया था और पांच लाइटहाउस के रखवाले मारे गए थे। यह सुनामी असामान्य रूप से शक्तिशाली थी, इसलिए इस घटना को 'सुनामी भूकंप' के रूप में वर्गीकृत किया गया। इसके बाद एक सुनामी वॉर्निंग सिस्टम तैयार किया गया (वैज्ञानिक तौर पर पेसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर) इस सुनामी को हवाई में “अप्रैल फूल डे सुनामी” के रूप में जाना गया।