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इस देश में टावर पर चढ़कर लड़ते हैं हजारों लोग, इस परंपरा के पीछे है अजीबोगरीब मान्यता

Mon, 09 Apr 2018 09:01 AM IST
मनोरंजन डेस्क, अमर उजाला
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Hong Kong bun festival
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कभी हॉन्ग-कॉन्ग जाएं, तो चेयॉन्ग चाऊ आइलैंड में बन टावर पर चढ़ हजारों लोगों को बन के लिए लड़ते देखेंगे। यह लड़ाई भाग्यशाली बनने के लिए होती है। 

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बन के लिए हजारों लोगों को लड़ते देखा है? झगड़ते या छीना-झपटी करते देखा है? क्या माना जा सकता है कि बन किसी के लिए अभिमान, गर्व और भगवान जितना महत्व रख सकता है? लेकिन ऐसा होता है। बन के लिए कई सारे लोग इकट्ठा होते हैं। यह सब होता है हॉन्ग-कॉन्ग में। हॉन्ग-कॉन्ग के चेयॉन्ग चाऊ आइलैंड में मनाए जाने वाला पारंपरिक त्योहार है ‘चेयॉन्ग चाऊ बन त्योहार’ या ‘चेयॉन्ग चाऊ दा झियू त्योहार’।

इस त्योहार को मनाने और इसका लुत्फ उठाने के लिए लगभग 10 हजार स्थानीयों और पर्यटकों की भीड़ जमा होती है। बैम्बू से बने 60 मीटर के टावर पर बन लगा दिए जाते हैं और फिर स्थानीय लोग, ऊपर तक पहुंचकर बन पर पकड़ बनाए रखने की और ज्यादा से ज्यादा बन बटोरने की कोशिश करते हैं। 

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लोगों की मान्यता है कि जिसकी झोली में जितने बन होंगे, वह उतना ही भाग्यशाली होगा। लेकिन ऐसा वहां होता क्यों है? इसके पीछे वहां के लोग एक कहानी याद करते हैं। लोग बताते हैं कि 18वीं सदी में चेयॉन्ग चाऊ आइलैंड में प्लेग की बीमारी फैल गई थी और जहाजी डाकू ने आइलैंड पर घुसपैठ कर दी थी। इसके बाद स्थानीय मछुआरों ने उनके भगवान 'पाक ताई' की पूजा की और माना जाता है कि उसके बाद से वहां सब ठीक हो गया था।

तभी से वहां के स्थानीय लोग यह त्योहार मनाते हैं। बच्चे-बड़े सब पारंपरिक अलग-अलग रंगों की वेशभूषा में नजर आते हैं और नृत्य, संगीत से समा बंध जाता है। इस त्योहार में युवा हिस्सा लेते हैं। बूढ़े विजेता का नाम घोषित करते हैं और बच्चे त्योहारों में खेलकूद का आनंद लेते हैं। यह त्योहार सात दिनों तक चलता है, जिसमें से तीन दिन वहां के लोग सामिष भोजन नहीं करते।

लेकिन बीच में कुछ सालों तक इस त्योहार पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। 1978 में एक टावर गिरने से 100 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसके बाद से त्योहार को रोक दिया गया था। लेकिन लोगों के अनुरोध के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच 2005 में इस त्योहार की शुरुआत फिर से हुई। अब बैम्बू लकड़ियों की जगह स्टील का बेस बनाकर भी उसमें बन लगाए जाते हैं।
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