इसमें कोई दो राय नहीं कि किसी भी महिला के लिए पीरियड्स के दिन महीने के बाकी दिनों से ज्यादा असहज होते हैं। पैड संभालने से लेकर कहीं आना-जाना, या फिर दर्द के साथ भी काम को जारी रखना, सभी कुछ कठिन सा होता है।
मिरर के मुताबिक वॉटरऐड नाम की कंपनी ने पहली बार ऐसा सोचा कि क्या होता गर पुरुषों को भी माहवारी होती? उनकी दौड़ती-भागती जिंदगी में कैसे पीरियड्स कहीं ना कहीं असहजता लाता और उनका काम कैसे प्रभावित होता?
ऐसा सोचते हुए उन्होंने एक स्पूफ एड की कल्पना की और उसे बनाया। एक हाल ही में आए रिसर्च के मुताबिक गर मर्दों को माहवारी होती तो वो उसके बारे में फेसबुक पर जमकर बोलते। ट्विटर पर हैशटैग के साथ इसे ट्वीट करते।