क्या कभी समाज ऐसा नियम बना सकता है जिसमें एक मां और उसकी बेटी को एक ही पति स करना पड़े? जी हां, ये अजब-गजब परंपरा है बांग्लादेश के मंडी जनजाति की जहां इसे अपनाया जाता है।
द गार्डियन के मुताबिक 30 साल की ओरोला डालबोट के पिता की मृत्यु तब हो गई थी जब वो बहुत छोटी थीं। ओरोला इतनी छोटी थी कि उनकी मां ने दूसरी शादी कर ली।
ओरोला कहती हैं कि दूसरे पिता का नाम नॉटेन था। नॉटेन उन्हें देखने में हमेशा से पसंद थे। वो कभी-कभी ये भी सोचती थी कि उनकी मां कितनी किस्मत वाली हैं जिन्हें नॉटेन जैसा पति मिला है।
ओरोला जब हुई जवान, पलट गई कहानी
ओरोला कहती हैं जब उनका किशोरावस्था में प्रवेश कर गई तब उन्हें पता चला कि उनके दूसरे पिता नॉटेन ही उनके पति हैं। ये सुनते ही ओरोला के कदमों तले जमीन खिसक गई।
पिता की तरह जिस आदमी को देखा, बाद में पता चला कि तीन साल की उम्र में ही उसकी शादी पिता से करवा दी गई है। ये एक परंपरा है जिसे तब अपनाया जाता है जब किसी महिला का पति कम उम्र में ही चल बसता है।
ऐसे में उस महिला को अपने पति के खानदान से ही एक कम-उम्र के आदमी से शादी करनी होती है। ओरोला की मां के साथ भी यही हुआ था। ऐसे में कम-उम्र के नए पति की शादी उसकी होने वाली पत्नी की बेटी के साथ भी एक ही मंडप में करवा दी जाती है।
मां और बेटी के हैं एक ही पति से बच्चे
माना जाता है कि कम-उम्र का पति नई पत्नी और उसकी बेटी का भी पति बनकर दोनों की सुरक्षा एक लंबे वक्त तक कर सकता है। ये बड़ा ही अजीब है।
लेकिन ऐसी परंपरा के चलते ओरोला को अपने पति नॉटेन से तीन बच्चे हैं। वहीं उसकी मां को भी नॉटेन से ही दो बच्चे हैं। दोनों मां-बेटी एक ही पति के साथ एक ही घर में रहती है।
ध्यान देने वाली बात ये भी ऐसी परंपरा के चलते मां और बेटी की रिश्ते वैसे नहीं जाते जैसे होने चाहिए। ओरोला और उसकी मां में नॉटेन के चलते अजब सी खटास है। दोनों पति के चलते एक-दूसरे को पसंद नहीं करती हैं।