फर्स्ट क्लास के पैसेंजर्स के लिए बने इस मेन्यू में चिकन आला मेरीलैंड (ग्रेवी के साथ फ्राइड चिकन) और आइस्ड ड्रॉट म्युनिख लेगर बीयर का जिक्र है। मेन्यू पर जहाज के डूबने से एक दिन पहले की यानी 14 अप्रैल 2012 की तारीख है। इसके पीछे इसाक जेराल्ड फ्राउन्थाल नामक यात्री के दस्तखत हैं। समझा जाता है कि सेलमोन और फ्राउन्थाल ने उस दिन एक साथ दोपहर का भोजन किया था। टाइटेनिक जहाज पर मौजूद लाइफ बोट (जीवन रक्षक नाव) को मनीबोट नाम दिया गया था।
ऐसा कहा जाता है कि इन बोट्स में 40 लोगों के बैठने की क्षमता थी, लेकिन केवल 12 लोगों को ही बैठाया गया था। दरअसल ऐसी अफवाह है कि फर्स्ट क्लास यात्रियों को ही इस बोट में बचाया गया था और सामान्य जनरल क्लास के यात्रियों को डूबते हुए जहाज में छोड़ दिया गया था। 14 अप्रैल 1912 की रात यह जहाज एक बर्फीली चट्टान से टकरा गया था तथा अगले दिन की अलसुबह डूब गया था।
यह इंग्लैंड के साउथहैम्पटन से अमेरिका के न्यूयॉर्क की अपनी पहली यात्रा पर था। इसमें 1500 से ज्यादा पुरुष, महिलाएं और बच्चों की मौत हुई थी। नीलामी खास तौर पर 30 सिंतबर को रखी गई क्योंकि 30 सितंबर 1985 को ही समुद्र की गहराइयों में डूबने के 70 साल बाद टाइटेनिक जहाज का पता चला था।
टाइटेनिक जहाज 15 अप्रैल 1912 को समुद्र में डूबा था। बताया जाता है कि उस दिन के दो या तीन लंच मेन्यू ही अब उपलब्ध हैं। 2012 में ऐसा ही एक मेन्यू नीलामी में एक लाख बीस हजार डॉलर में बिका था। नीलाम हुआ मेन्यू, जहाज पर डूबने से बचाए गए लोगों में से एक अब्राहम लिंकन सेलमोन के पास था, जो मनी बोट (लाइफबोट) के सहारे टाइटेनिक से बाहर आ आने में सफल रहे थे।