फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला की खबर का असर, बच्ची के साथ ड्यूटी करने वाली महिला सिपाही को मिला उपहार

Mon, 29 Oct 2018 05:42 PM IST
राजेश सैनी, नई दिल्ली
विज्ञापन
archana with her child
विज्ञापन

झांसी में महिला सिपाही को आखिरकार अपने फर्ज का फल मिल ही गया। जी हां, इस महिला सिपाही ने मां का और वर्दी का फर्ज साथ-साथ निभाया है। ऐसा कम ही लोग कर पाते हैं। इसलिए यह सुपरमॉम कॉप समाज के लिए मिसाल बन गई है। यही वजह है कि ये महिला सिपाही सोशल मीडिया पर छा गई है। हर कोई इसकी तारीफ कर रहा है। कोई इसे 'सुपर मॉम कॉप' का नाम दे रहा है तो कोई इसे 'ममता की मूरत' कह रहा है। 

विज्ञापन


इसकी एक तस्वीर ने पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। जी हां, जब बड़े पुलिस अधिकारियों ने महिला सिपाही का काम के प्रति समर्पण भाव को देखा तो खुश होकर उन्हें घर के पास ही पोस्टिंग देने की तैयारी कर ली। इस सूपर मॉम कॉप का नाम नहीं जानना चाहेंगे..? ये हैं अर्चना सिंह। 

जानकारी के मुताबिक डीजीपी ओपी सिंह ने सिपाही अर्चना को गृह जनपद आगरा के करीब तैनाती का आश्वासन दे दिया है। वहीं इससे पहले डीआईजी सुभाष सिंह ने भी उनकी कर्तव्य निष्ठा को देखते हुए एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया था। आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि अर्चना झांसी कोतवाली में बतौर कॉन्स्टेबल तैनात हैं। यहीं पर वह अपने बच्चे को डेस्क पर लिटा कर काम करती हुई नजर आई थी। ऐसे में उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई जिसके बाद समाज को इस सुपर कॉप मॉम के बारे में पता चल सका। 

विज्ञापन
विज्ञापन

archana with her baby
बताना चाहेंगे कि अर्चना के पति बाहर प्राइवेट नौकरी करते हैं। जबकि वह रोजाना घर से अपनी बेटी के साथ कोतवाली आती हैं, जहां वह बेटी की देखरेख के साथ-साथ ड्यूटी भी करती हैं। अर्चना की दो बेटी हैं। एक बेटी को सास-ससुर देखते हैं तो दूजी को वह खुद संभालती हैं। छोटी बेटी की उम्र महज 6 माह है जो उन्हीं के साथ रहती है। तस्वीर के वायरल होने के बाद पुलिस के तमाम अफसरों ने जहां अर्चना की कर्तव्यनिष्ठा को सलाम किया। 

झांसी पुलिस के आईजी सुभाष बघेल ने भी अर्चना की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अर्चना दोनों कर्तव्य एक साथ निभा रही हैं और किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने अर्चना को हजार रुपए नकद का ईनाम दिया है। 

अमर उजाला डिजिटल और अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियोंं ने इस मामले में संज्ञान लिया। अमर उजाला की इस खबर को सोशल मीडिया ने हाथों हाथ लिया जिसके बाद अन्य मीडिया हाउसेज ने भी इस खबर की जानकारी ली। अमर उजाला के बाद तमाम मंचों पर अर्चना की प्रशंसा के बाद पुलिस महकमे को भी इस दिशा में कदम उठाना पड़ा साथ ही हर पुलिस चौकी और थाने में पालनाघर की जरूरत को महसूस किया। अब पुलिस अधिकारी इस पर विचार करने को मजबूर होंगे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें