फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

अजीब धार्मिक परंपरा: भाग्य के लिए अजनबियों से संबंध बनाते हैं लोग

दुनिया की कई अजीबोगरीब परंपरांए हमें आश्चर्य में डाल देती हैं। लेकिन ये परंपरा तो कुछ ऐसी है जिसे जानकर आप कभी भूल ही नहीं पाएंगें।


डेली मेल के मुताबिक इंडोनेशिया के मध्य जावा में लोग एक ऐसी गुपचुप परंपरा का पालन करते हैं जिसकी सच्चाई किसी को भी चौंका देगी।

डेटलाइन जर्नलिस्ट पैट्रिक अबॉउड ने अपनी एक स्टोरी में हाल ही इस बात का खुलासा किया कि जावा में एक 'सेक्स पहाड़ी' नाम की जगह है जहां कई लोग अंजान लोगों से सेक्स करने पहुंचते हैं। इस पहाड़ी का असली नाम गुनुंग केमेकुस है।

ये एक यौन परंपरा है जिसका पालन करने से लोगों की मान्यता है कि उनके जीवन में खुशहाली और समृद्घि आती है।

नेता तक हैं मानने वाले

अंजान लोगों से शारीरिक संबंध बनाने लोग ग्राहक नहीं बल्कि भक्त के तौर पर देखें जाते हैं।

सेक्स पहाड़ी के बारे में विस्तार से बताने वाले पैट्रिक कहते हैं कि इस पहाड़ी पर कई कमरे हैं जहां सेक्स होता है। इस परंपरा का पालन करने वाले लोगों में पति, पत्नियां, सरकारी मुलाजिम और वेश्या भी शामिल होती हैं।

कहा जाता है इंडोरनेशिया के नेता भी यहां गुड लक के लिए पहुंचते हैं। पैट्रिक ने कहा कि किसी बिजी रात में इस छोटी सी जगह पर 8000 लोग तक पाए जाते हैं जो सेक्स के लिए आते हैं।

पीछे है पुरानी मान्यता

इस परंपरा का पालन लगभग 16वीं शताब्दी से किया जा रहा है। कहा जाता है कि इंडोनेशिया के एक राजकुमार का अपनी से सौतेली मां से प्रेम संबंध था।

साथ कुछ वक्त बिताने के लिए वो इस पहाड़ी पर पहुंचे। उनको जब शारीरिक संबंध बनाते पकड़ लिया गया तो उन्हें वहीं के वहीं मार डाला गया।

अब उनकी इच्छा पूरी नहीं हुई थी और वो दोनों साथ भी नहीं रह सके थे। इस मान्यता का पालन करते हुए अंजान लोग के बीच सेक्स की परंपरा का पालन शुरू हो गया और इसे समृद्घि से जोड़कर देखा जाने लगा।

करना होता है 35 दिन में लगातार सेक्स

पैट्रिक ने बताया कि मान्यता के मुताबिक हर व्यक्ति जो यहां आता है उसे हर 35 दिन बाद फिर आना होता है।

कृपा बने रहने के लिए उसे लगातार 7 बार सेक्स करना ही होता है। ऐसा करने वाले बहुत लोग हैं। इसलिए यहां यौन-संक्रमित बीमारियों की भी कोई इंतहा नहीं है।

कई लोग संक्रमित हैं। यहां ऐसे लोगों की कोई कमी नहीं है जो एचआईवी पीड़ित नहीं है। यहां मर्द कंडोम इस्तेमाल नहीं करते और हेल्‍थ क्लिनिक के होते हुए भी वहां इलाज कराने कभी नहीं आते।
 
विज्ञापन

जगह बन गया है सेक्स हब

पैट्रिक ने बताया कि उनकी जांच-पड़ताल बताती है कि कभी इस परंपरा का पालन भक्ति भाव से किया जाता था। लेकिन समय के साथ ये जगह एक सेक्स हब की तरह बन गया है।

यहां औरतों से ज्यादा पुरूष हैं और ये जगह कॉमर्शियल सेक्स वर्कस के लिए ज्यादा जाने जानी लगी है। सरकार को इस मामले के बारे में ‌बढ़िया जानकारी है, लेकिन वो कुछ मजबूत कदम उठाने से बचती नजर आती है।

 पैट्रिक ने बताया कि यहां आने वाली महिलाएं कुछ भी बोलने में कतराती हैं। कोई भी इस गुपचुप परंपरा के बारे में नहीं बोलता। ये अजीब है।

Next
AU ऐप में पढ़ें