हर कोई भगवान से अपने और अपने करीबी लोगों के लिए अच्छी सेहत और सुंदर भविष्य की कामना करता है।
इसके लिए कोई भगवान के मशहूर मंदिरों में जाकर उनके दर्शन करता है या फिर उन्हें चढ़ावा चढ़ाता है और व्रत-पूजा की मदद लेता है।
लेकिन, इसी में एक वर्ग ऐसे भी लोगों का होता है जिन्हें सालों से चले आ रहे अंधविश्वास पर कट्टर भरोसा होता है। ये भी एक ऐसी ही बानगी है।
यहां होता है प्रैक्टिस
खुद हमारे देश में अंधविश्वासी लोगों की कोई कमी नहीं है। बगैर सिर-पैर वाली बात के वो ऐसे अंध भक्त होते हैं कि शिक्षा और जागरूकता तक उन्हें बदलने में हार जाती है।
डेली मेल के मुताबिक तमिलनाडू में हर साल कई लोग सुनहरे भविष्य और अच्छी सेहत की कामना लिए मंदिर पहुंचते हैं।
वहां ये लोग अपना सिर नारियल से फुड़वाते हैं। फिर चाहें वो मर्द हो या औरत, लाइन में लगकर घंटों अपना सिर फुड़वाने वाले लोगों की कोई कमी नहीं होती है।
है बहुत गंभीर
अगर आप इस प्रैक्टिस के बारे में डॉक्टरों की राय सुनें तो वो लोग इसके बिल्कुल खिलाफ हैं।
उनका कहना है कि भारी और कड़े नरियल को सिर में फुड़वाने से हर साल कई लोगों के सिर असली में फूट जाते हैं और केस गंभीर हो जाता है।
डॉक्टरों के मुताबिक उनके कई बार समझाने के बावजूद लोग नहीं सुनत और अंत में डॉक्टर के यहां चक्कर काटते हैं।
फिर भी नहीं मानते
आप मानेंगे नहीं लेकिन इस घटना के दौरान एक शख्स का सिर नारियल की तेज चोट के कारण पूरा फट गया था।
इसके बावजूद उसमें और लोगों में कोई भय या फिर चेतना नहीं आई। वो अब भी नारियल को सिर पर फोड़ना भगवान की मर्जी मानते हैं।
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