न्यूजीलैंड के माओरी संस्कृति के लोगों से कभी मिलें, तो उनके सत्कार से डरिएगा नहीं। ‘हाका’ उनके सत्कार करने की एक अनोखी परंपरा है, जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी वहां के लोग गर्व से आगे ला रहे हैं। आप भी उनके साथ इस परंपरा का हिस्सा बनकर देखिएगा।
हम एक ऐसे देश के वासी हैं, जहां 'अतिथि देवो भव:' को सर्वोपरि माना जाता है। हम अपने दुश्मनों तक को प्यार से समझाते हैं। यही इस देश की परंपरा और संस्कृति है। ऐसी ही कुछ परंपराएं अलग देशों में निभाई जाती हैं, जहां मेहमानों का एकदम अलग तरीके से स्वागत किया जाता है। एक ऐसा देश है, जहां युद्ध के दौरान 'वार क्राय' किया जाता है। कुछ इसी अलग अंदाज को निभाते हैं न्यूजीलैंड के माओरी कल्चर के लोग।
माओरी में ‘वार क्राय’ या ‘वार डांस’ एक परंपरा है। माओरी कल्चर में युद्ध से पहले या युद्ध के दौरान, वहां के लोग यह ‘वॉर क्राय’ करते हैं। विपक्ष को डराने, अपनी ताकत और कौशल का प्रचार करने के लिए पहले समय में माओरी के लोग ‘वार क्राय’ करते थे। इसी ‘वार क्राय’ को आज ‘हाका’ नाम से भी जाना जाता है। ‘हाका’ को एक प्रकार की स्वर समता के रूप में समझा जा सकता है, जिसमें शरीर के विभिन्न भाग कई उपकरणों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसमें वह अपने पैरों को जोर से जमीन पर थाप देते हुए, चेहरे पर गंभीर भाव रखते हुए जोर-जोर से चिल्लाते थे।
यह परंपरा आज भी वहां के लोगों द्वारा निभाई जाती है। हालांकि अब युद्ध नहीं, आतिथ्य सत्कार, किसी महान व्यक्ति के सम्मान, खुशी के अवसरों आदि में भी यह रस्म निभाई जाती है। यहां तक कि न्यूजीलैंड के कई स्कूलों में भी इसका प्रदर्शन किया जाता है। वहीं, न्यूजीलैंड की स्पोर्ट्स टीमों ने अपने अंतरराष्ट्रीय मैचों से पहले ‘हाका’ का प्रदर्शन किया था, जिसके बाद से ‘हाका’ को दुनिया भर में और अधिक व्यापक रूप से पहचाने जाना लगा। शुरू में ‘हाका’ का प्रदर्शन 1888-89 में न्यूजीलैंड की मूल फुटबाल टीम ने अपने दौरे के साथ शुरू किया और 1905 से न्यूजीलैंड की रग्बी यूनियन टीम द्वारा किया जाने लगा।