नौजवान डेविड गुड की कहानी कुछ अलग है। सालों पहले डेविड के पिता वेनेन्जुऐला के जंगलों में गए थे।
डेली मेल के मुताबिक वहां वो यानोमामी जनजाति के लोगों से मिले और उन्हें उनकी जीवनशैली के साथ ही उस जाति की एक औरत से प्यार हो गया।
उन्होंने सबकी इजाजत से यारिमा नाम की महिला से शादी रचा ली और उसके साथ वापस अपने देश न्यू जर्सी चल गए।
यानोमानी जनजाति की औरत है मां
शादी के सालों बाद यारिमा ने दो बच्चों को जन्म दिया। सब कुछ न्यू जर्सी में रहकर ठीक ही चल रहा था कि यारिमा ने अपने पति से वापस जंगलों में जाकर रहने की बात कही।
डेविड के पिता ने अपनी पत्नी को पूरी इज्जत दी और उसे वापस जंगल में लौटने की बात पर राजी हो गए। तब डेविड महज 10 साल के ही थे।
तब से हांलाकि डेविड को पता था कि उसकी मां जिंदा हैं, लेकिन मां के बारे में पूछे जाने पर वो यही कहता था कि उसकी मां मर चुकी हैं। बड़ा होने के बाद डेविड पेशे से अपने पिता के नक्शेकदम पर चला और उन्हीं की तरह एक ऐन्थ्रोपॉलोजिस्ट बन गया।
म्यूजियम ने मिलवाया
नौजवान डेविड एक दिन यूं ही किसी आर्ट गैलरी को देखने गए हुए थे। वहां लगी एक तस्वीर में कुछ लोग बैठे थे।
डेविड को वो तस्वीर कुछ जानी-पहचानी सी लगी। उसने जब तस्वीर गौर से देखी तो उसमें बैठी एक महिला को वो पहचान गया। वो कोई और नहीं, उसकी अपनी मां थी।
उसके लिए जैसे उसकी मां सच में मर चुकीं थी। लेकिन उस तस्वीर को देखकर वो फौरन ही उस जंगल में अपनी बूढ़ी मां से मिलने चला गया।
अलग हुआ नजारा
मां से मिलने के बाद दोनों ही मां-बेटे एक-दूसरे को देखते रह गए। डेविड को लगा था कि वो कभी जंगलों में जाकर इस बात का पता नहीं लगाएगा कि उसकी मां कहां हैं और क्या कर रहीं हैं।
लेकिन अपनी मां से मिलकर और उनकी जनजाति के लोगों के बारे में जानकर डेविड इतने खुश हैं कि अब धीरे-धीरे इस जाति की जीवनशैली को समझने और अपनाने की कोशिश कर रहें हैं।
ओएमजी! दो सालों तक चला इस जोड़े का हनीमून