बुलधाना जिले के वलसवांगी गांव में रहने वाले आशिक गवाई पिछले कई दिनों से दांत के तेज दर्द और सूजन से परेशान था।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पहले तो उसके मां-बाप ने इस मुसीबत को हल्के में लिया। लेकिन फिर आशिक का जबड़ा हैरतअंगेज रूप से सूजने लगा और वो काफी परेशान रहने लगा।
दांत की प्रॉब्लम दिखाने के लिए वो पहले एक प्राइवेट डॉक्टर के पास गए। डॉक्टर ने उन्हें औरंगाबाद स्थित सरकारी अस्पताल जाने को कहा।
नहीं पता चला
औरंगाबाद के डॉक्टर भी आशिक की हालत को समझ नहीं पा रहे थे। उन्होंने उसका इलाज करने से अपने हाथ खड़े कर दिए।
आशिक के मां-बाप के पास इतने रूपए नहीं थे कि वो किसी अच्छे अस्पताल में अपने बच्चे का इलाज करा सकें।
फिर उन्हें मुंबई के जेजे अस्पताल का पता चला जहां गरीब मरीजों का राजीव गांधी जीवनदाया आरोग्य योजना के तहत फ्री में इलाज किया जाता है।
रह गए हैरान
वो लोग मुबंई पहुंचे। डॉक्टरों के मुताबिक आशिक के दांतों का ऑपरेशन होना था। इसके बाद उसके दांतों की सर्जरी पूरे छह घंटे तक चली।
सर्जरी में डॉक्टरों ने आशिक के मुंह से 232 दांत बाहर निकाले। इएनटी सर्जन डॉ वदंना थोरावाडे ने बताया कि आशिक के जबड़े के नीचे वाले हिस्से में एक ट्यूमर बनना शुरू हो गया था।
उसके नीचे के एक बड़े दांत से कई छोटे दांत निकलना शुरू हो गए थे।