मगर यह अकेला क्यों है? फोटो देखकर किसी के भी मन में यह ख्याल आ सकता है। ऐसी दुख की घड़ी में तो परिवार और रिश्तेदार के साथ-साथ पड़ोसी भी सांत्वना देने आ जाते हैं। मगर बांका की मदद करने एक भी गांव वाला नहीं पहुंचा। ऐसा इसलिए क्योंकि गांव के लोगों ने इस शख्स का अघोषित बहिष्कार कर रखा है। ऐसा इसलिए क्योंकि बांका ने दूसरी बार दूसरी जाति की महिला से शादी कर ली थी।
दरअसल, बांका की पत्नी और उसकी साली दोनों डायरिया से ग्रसित थीं। अस्पताल में दोनों का इलाज चल रहा था। इसी बीच बांका की साली ने दम तोड़ दिया। राज्य सरकार की योजना के तहत शव को एंबुलेंज के जरिए घर तक तो पहुंचा दिया गया। मगर गांव वालों की बेरुखी की वजह से महिला को चार कंधे भी नसीब ना हुए। वहीं, बांका की पत्नी अभी भी अस्पताल में भर्ती है।